स्कूल मालिक अपहरण मामले में टेकचंद गैंग के गुर्गे को पुलिस ने दबोचा

फरीदाबाद, 27 सितम्बर । क्राइम ब्रांच सेक्टर 17 की टीम ने फिरौती के उद्देश्य से स्कूल मालिक के अपहरण मामले में सोमवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम विकास उर्फ विक्की है जो फरीदाबाद के गांव पुनहेड़ा खुर्द का निवासी है। आरोपी के खिलाफ फिरौती के लिए अपहरण की धाराओं के तहत थाना छांयसा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस को दी अपनी शिकायत में जेसीएम स्कूल के चेयरमैन राजबीर ने बताया कि वह गांव पुनहेड़ा खुर्द का निवासी है और स्कूल के साथ-साथ मोहना रोड पर उसका एक पेट्रोल पंप भी है। 30 जून को पीडि़त के पास एक नंबर से फोन आया जिसमें आरोपी ने खुद को टेकचंद बदमाश बताते हुए उससे 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी। फिरौती न देने की सूरत में उसको जान से मारने की धमकी दी गई। इसके पश्चात बदमाश टेकचंद के एक अन्य साथी मनोज ने भी पीडि़त राजबीर के पास फिरौती के लिए कई बार फोन किया। आरोपी मनोज पीडि़त राजबीर के गांव का ही निवासी है। इस मामले में आरोपी विकास टेकचंद और राजबीर के बीच मिडिएटर का काम कर रहा था और टेकचंद की बात फोन पर राजबीर से करवाता था। टेकचंद और मनोज ने मिलकर इसके पश्चात कई बार राजबीर को फिरौती के लिए फोन किया। कुछ समय तक पश्चात फोन आने बंद हो गए। इसके पश्चात 1 सितंबर की रात 10 बजे जब राजबीर अपने पेट्रोल पंप पर मौजूद था तो वहां पर आरोपी मनोज अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बिना नंबर की स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर आया और बंदूक की नोक पर राजबीर को अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए और उससे 10 लाख की फिरौती मांगी। आरोपियों ने कहा कि यदि इस बार फिरौती नहीं दी तो उसका काम तमाम कर दिया जाएगा और धमकी देकर उसे बेहबलपुर मोड़ के पास उतारकर चले गए। राजबीर ने इस घटना के बारे में अपने परिजनों को बताया जिसके पश्चात पीडि़त ने इसकी सूचना पुलिस को दी और दिनांक 13 सितंबर को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत करते हुए गुप्त सूत्रों की सहायता से इस गैंग में शामिल आरोपी विकास उर्फ विकी को अंखिर चौक से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने बताया कि वह टेकचंद गैंग के सदस्य मनोज का जानकर है और उसने ही टेकचंद की बात पीडि़त राजबीर से करवाई थी जिसने पीडि़त से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।