फरीदाबाद । बेटी बचाओ अभियान के राष्ट्रीय संयोजक हरीश चन्द्र आज़ाद ने कहा कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिये जितनी भारी संख्या में लोग अस्पतालों के बाहर खड़े हुए हैं वह कोरोना फैलाने का काम कर रहे हैं । आज हर सरकारी अस्पताल के बाहर अपनी जान बचाने के लिये लोग वैक्सीन लगवाने के लिये सारा सारा दिन खड़े रहते हैं जिससे कोरोना बहुत तेजी से फैल रहा है इसके लिये सभी समाचार पत्रों में लगातार भीड़ की फोटोस के साथ न्यूज दी जा रही है लेकिन सरकार के पास इसके लिये कोई इंतज़ाम नही हैं ।
आज़ाद ने कहा कि वैक्सीन लगवाने की कोई किसी भी तरह की प्लानिगं सरकार के पास नही दिख रही । उन्होने कहा कि कोरोना की वैक्सीन लगवाने की पूरी तरह से प्रशासन को मजबूत प्लानिगं के साथ कार्य करने की जरूरत है इसके लिये मेरे कुछ सुभाव जो मैं समाचार पत्रों के माध्यम से शासन प्रशासन तक पहुंचाना चाहता है । आप किसी भी सरकारी अस्पताल के फोन करके पुछिये वैक्सीन लग रही है या नही वह फोन तक नही ऊठाते जिस बजह से वहां बेवजह भीड़ एकत्रित हो जाती है ।
सबसे पहले सभी कोविड सैनिको को वैक्सीन लगनी जरूरी है जो अपनी जान पर खेल कर देशवासीयों की कोरोना से रक्षा कर रहे हैं जैसे सभी स्वस्थ कर्मीयों नर्सों और डाक्टरो व अस्पताल के स्टाफ को वैक्सीन लगना जरूरी है , इसी तरह सभी पत्रकार बधंूओ को वैक्सीन लगनी जरूरी है , सभी पुलिस कर्मियों को , सभी सफाई कर्मचारीयों को , सभी स्वमसेवी सस्थाओं के कार्यकत्ताओं को व सभी वह कर्मचारी जो डयूटी पर जाते हैं इस तरह की प्लानिगं कोरोना की चैन को तोड़ सकती है क्योंकि यह सभी लोग लोकडाउन में भी बाहर रहते हैं । उसके बाद पोलियो अभियान की तरह एक एक एरिये में घर घर जाकर वैक्सीन लगवाई जाये या रेजिडेन्टस वैलफेयर एसोसिएशन संस्थाओं की मदद से समुदायिक भवनों में जाकर वैकसीन लगवाई जाये जिससे भीड़ भी कम होगी और एक एक एरिया भी कोरोना मुक्त होता रहेगा । र्सिफ और सिर्फ इसी तरीके से ही कोरोना की कड़ी को तोड़ा जा सकता है इसके लिये अगर प्रशासन के पास कर्मचारी कम हैं तो स्वमसेवी संस्थायें प्रशासन के साथ काम करने को तैयार बैठी हैं । और अगर बिना प्लानिगं के इसी तरह वैक्सीन लगती रही तो कोरोना की चैन या तो तोड़ी नही जा सकता या इसे तोडऩे में वर्षों लग जायेगें ।
आज़ाद ने कहा कि आज के कंप्यूटर क्रांती के युग में बिना सिस्टम के काम करना मूर्खता है क्ंयोकि सिस्टम इंसान को चालाता ही नही दौड़ाता है लेकिन हमारा शासन प्रशासन आज के युग में भी बिना सिस्टम के वैक्सीन लगवाने के तरीके से जाने अंजाने को कोरोना की चैन तोड़ नहीं रहा बड़ा रहा है ।
आशा करता हूँ मेरे इस सुझाव को पत्रकार ब़धू साशन प्रशासन तक पहुचायेगें ।
