डी.ए.वी. शताब्दी महाविद्यालय, फरीदाबाद में नई शिक्षा नीति 2020 पर हुआ राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन
फरीदाबाद। डी.ए.वी. शताब्दी महाविद्यालय, फरीदाबाद में भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव के तहत किया गया। इस सेमिनार का विषय ÓÓ उच्चतर शिक्षण संस्थाओं में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में चुनौतियांॅ एवं अवसरÓÓ रहा। इस सेमिनार का शुभारम्भ मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर एवं डीएवी गान से हुआ। सर्वप्रथम महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ.सविता भगत ने सभी अतिथियों का महाविद्यालय के प्रांगण में आने पर हार्दिक स्वागत किया। सेमिनार के उद्घाटन सत्र के विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद के पूर्व निर्देशक पदमश्री प्रो. जे.एस. राजपूत ने किया गया। प्रो.जे.एस.राजपूत ने कहा कि नई शिक्षा नीति में समय की आवश्यकता के अनुसार सबकुछ है। उन्होंने मातृ भाषा पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के अन्दर नई शिक्षा नीति के तहत मौलिक चिंतन विकसित करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने बड़े-बड़े विद्ववानों जे.आर.डी. टाटा, अल्बर्ट, आईस्टीन, स्वामी विवेकानन्द, रवींद्रनाथ टैगोर का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी यदि लक्ष्य को निपुणता के साथ अर्जित करने का प्रयास करे तो लक्ष्य निश्चित रुप से पूरा होता है। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय, महेन्द्रगढ़ के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बताया कि नई शिक्षा नीति को लागू करने में समय लग सकता है परन्तु प्रयास करके चुनौतियों को अवसरों में परिणत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीयता है और हम अपनी मातृ भाषा के साथ ही विकास कर सकते है। इस अवसर पर उन्होंने सभी को संविधान दिवस की बधाई भी दी। उद्घाटन सत्र के उपरान्त प्रथम तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता के रुप में विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित पूर्व मेजर जनरल राजन कोचर और स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. अनोज राज उपस्थित रहे। पूर्व मेजर जनरल डॉ. राजन कोचर ने , ÓÓआत्मनिर्भर भारतÓÓ विषय पर कहा कि अपने खुद के बॉस बनें और बदलाव लाए। खुद को हुनरमंद बनाए। सेमिनार के समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे डी.ए.वी. प्रबन्धक समिति के कोषाध्यक्ष डॉ. डी.वी. सेठी ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 को सभी शिक्षकों को विस्तार से पढऩी चाहिए और सेमिनार में उपस्थिति सभी बुद्विजीवियों के द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल करना चाहिए। उन्होंने सबसे पहले सभी को मनुष्य बनने की सलाह दी। उन्होंने महाविद्यालय की प्राचार्या डा. सविता भगत की तारीफ की एवं कहा कि जैसे एक स्पोर्टस टीम में 11 खिलाडी होते हैं ठीक उसी प्रकार सविता भगत ने भी खिलाडिय़ों के रुप में एक से उत्तम एक 11 वक्तओं को चुन कर इस सेमिनार में प्रस्तुत किया है।
