अंतर्राज्यीय साइबर अपराध गिरोह का भंड़ाफोड़, 6 सदस्य गिरफ्तार

राज्यों के लोगों से कर चुके है 1 करोड़ 80 लाख की ठगी
फरीदाबाद, 05 अक्टूबर । बड़ी कंपनियों में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का साइबर अपराध टीम ने भंडाफोड़ करते हुए 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को डीसीपी क्राइम जयबीर राठी ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के खिलाफ धीरज निवासी सेक्टर-18 ने 135997/- रुपये टाटा पॉवर कंपनी में नौकरी के नाम पर ठगने के बारे में साइबर थाना में शिकायत दी थी। आरोपी ग्लोबल रिक्रूटमेंट सोल्यूशन्स पर नौकरी की तलाश करने वाले लोगो को प्रतिष्ठित टाटा पॉवर कंपनी मुंबई में नौकरी दिलवाने के नाम पर ऑनलाइन इंटरव्यू लेकर विभिन्न चार्जेज के नाम पर धोखाधड़ी से अपने फर्जी बैंक खातो में पैसे डलवा लेते थे। शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर थाना प्रबन्धक बसंत ने 4 टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यो का प्रयोग कर आरोपियो को अलग- अलग राज्यों के विभिन्न शहरों से गिरफ्तार किया है- त्रिदीव पश्चिम बंगाल के काटवा का रहने वाला है जिसको दिल्ली से, दीवाकर देश नेपाल के धनुष के जनकपुर धाम को दिल्ली के बिजवासन से, निखिल उत्तर प्रदेश के बागपत का रहने वाला है,जिसे उसके गांव से गिरफ्तार किया है, अभिषेक को उसके घर उत्तर प्रदेश के जिले संभल के गांव सराय तरीन मंगलपुरा से, वेदप्रकाश निवासी गांव अजरा जिले संभल उत्तर प्रदेश से तथा अखिलेश निवासी गांव केलीपत्रासी जिला संभल उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से 8 मोबाइल 2 लैपटॉप और 33000/- रुपये नगद बरामद किये है। पुलिस टीम ने बताया कि आरोपियो ने पूरे भारतवर्ष में करोड़ों रुपए इसी तरह से ठगे हुए हैं काफी वारदातों बारे में आरोपियों ने खुलासा भी किया है विभिन्न राज्यों की संबंधित यूनिटों को सूचित किया गया है। आरोपियो के फर्जी बैंक खाते में पिछले एक वर्ष में लगभग एक करोड़ 80 लाख रुपये का लेन देन पाया गया है। चार आरोपियो को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। आरोपी अभिषेक और अखिलेश को कल अदालत में पेश करके जेल भेजा जाएगा।