40 % फीस बढ़ाने का विरोध करने पर मॉडर्न डीपीएस ने छात्रों की रोकी ऑनलाइन क्लास

Faridabad : मॉडर्न डीपीएस के पेरेंट्स ने आरोप लगाया है कि इस स्कूल ने गत वर्ष के मुकाबले इस बार ट्यूशन फीस में लगभग 40% की वृद्धि कर दी है। जिसका पेरेंट्स विरोध कर रहे हैं। अभिभावक सचिन शर्मा, राखी मोदी,भरत गर्ग,अरुण संगर, कमल गुप्ता,गौरव सिंह, अंशुल चौहान, भारत सागर, गौरव मेहतानी, हेमंत मलिक ने कहा है कि वे गत वर्ष वाली ट्यूशन फीस 7200 रुपए मासिक आधार पर देने को तैयार हैं लेकिन स्कूल प्रबंधक 9550 रुपए मांग रहा है जिसका लिखित विरोध उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल से किया है। लेकिन स्कूल प्रबंधक रोजाना अपने अध्यापकों से मैसेज भिजवा कर व फोन करा कर उन पर बढ़ी हुई फीस ही जमा कराने का दबाव डलवा रहा है। सोमवार से तो उनके बच्चों की ऑनलाइन क्लास भी बंद कर दी गई है। ऐसा कई अभिभावकों के बच्चों के साथ किया गया है। सचिन शर्मा ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय के फैसले में और एनसीपी आरसी की गाइड लाइन में साफ-साफ लिखा है कि फीस को लेकर बच्चों की ऑनलाइन क्लास बंद करना, एग्जाम में न बैठने देना, स्कूल से नाम काटने की धमकी देना पूरी तरह से हरासमेंट की श्रेणी में आता है ऐसा करने पर स्कूल प्रबंधक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसी को लेकर उन्होंने चेयरमैन एनसीपीआरसी नई दिल्ली के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है । मंगलवार को सभी पीड़ित अभिभावक जिला शिक्षा अधिकारी से मिलने गए लेकिन उनके ना मिलने पर डिप्टी डीईओ आनंद सिंह से मिलकर बच्चों को हरासमेंट करने की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अभिभावकों ने डिप्टी डीईओ को बताया कि इस स्कूल ने पिछले 4 साल में 48% तक की ट्यूशन फीस में वृद्धि की है। पेरेंट्स ने डिप्टी डीईओ को बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने आरटीआई की जानकारी में यह लिख कर दिया है कि इस स्कूल ने फार्म 6 के साथ बैलेंस जमा नहीं कराई है। नियमानुसार बिना बैलेंस शीट के फार्म 6 जमा कराना अधूरा माना जाता है ऐसे स्कूल फीस बढ़ाने के हकदार नहीं होते हैं। फिर भी इस स्कूल ने फीस वृद्धि की है जो पूरी तरह से गैर कानूनी है। डिप्टी डीईओ ने पेरेंट्स को उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पेरेंट्स उसके बाद चेयरमैन फीस एंड फंडस रेगुलेटरी कमेटी
एफएफआरसी कम मंडल कमिश्नर से मिलने गए उनके न मिलने पर एफएफआरसी ऑफिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पेरेंट्स ने शिकायत में लिखा है कि गत वर्ष भी इस स्कूल की मनमानी को लेकर सैकड़ों अभिभावकों ने जो लिखित शिकायत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भेजी थी उस पर संज्ञान लेते हुए चेयरमैन एफएफआरसी ने 9 सितंबर 2020 को इस स्कूल के प्रिंसिपल को नोटिस भेजकर स्कूल का 3 साल के आय-व्यय का विवरण, पेरेंट्स से वसूली गई हर प्रकार की फीस व किए गए खर्चों की रसीद, बैलेंस शीट के साथ जमा कराए गए फार्म 6 आदि का सारा रिकॉर्ड 5 दिन के अंदर जमा कराने को कहा था लेकिन स्कूल प्रबंधक ने आज तक एफएफआरसी कार्यालय में कोई भी रिकॉर्ड जमा नहीं कराया है।
अभिभावकों ने चेयरमैन एफएफआरसी से बच्चों की ऑनलाइन क्लास शीघ्र शुरू करवाने, फीस वृद्धि को वापस कराने व इस स्कूल के पिछले 5 साल के खातों की जांच व ऑडिट कराने की मांग की।