फरीदाबाद, 26 मई । कोरोना योद्धा कहें जाने वाले स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों व अन्य विभागों से निकाले गए कर्मचारियों को ड्यूटी पर लेने सहित विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को सभी विभागों के कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर कार्य किया और भोजन अवकाश के समय सभी ने कोबिट से बचाव के जारी दिशा निर्देशों के अनुसार उचित दूरी बनाते हुए बिजली विभाग नगर निगम जन स्वास्थ्य स्वास्थ्य विभाग इरीगेशन शिक्षा विभाग सहित सभी सरकारी अद्र्ध सरकारी निगम बोर्ड कॉरपोरेशंस के कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर विरोध प्रदर्शन किए। इसी कड़ी में आज नगर निगम मुख्यालय पर नगर निगम के कर्मचारियों स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों शिक्षा विभाग व अन्य विभागों के कर्मचारियों ने एकत्रित होकर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला प्रधान अशोक कुमार की अध्यक्षता में गेट मीटिंग एवं प्रदर्शन किया। इस मीटिंग का संचालक सर्व कर्मचारी संघ के सचिव बलवीर सिंह बालगोहर ने किया। मीटिंग के बाद सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री के नेतृत्व में जिला उपायुक्त कार्यालय के सुप्रिडेंट कुन्दन लाल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मीटिंग में कोविड से संक्रमित होने से हमारे बीच नहीं रहे हमारे अनेकों कर्मचारी सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रिय जनों के लिए 2 मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की ।विरोध मीटिंगो में संयुक्त किसान मोर्चे के काले दिवस का पुरजोर समर्थन करते हुए तीनों कृषि कानूनों, बिजली संशोधन बिल 2021 को वापस लेने और एम.एस.पी. पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाते हुए समर्थन किया गया । कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि कोविड काल में विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने ईमानदारी निष्ठा के साथ कोविड मरीजों एवं प्रदेश के जनमानस की ईमानदारी से सेवा की सेवा करते हुए जहां कई हजार कर्मचारी कोविड-19 के संक्रमण से ग्रस्त हुए वही सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी जान भी गंवाई है लेकिन सरकार केवल जनता और कर्मचारियों को राहत देने के नाम पर डोरा पिटती नजर आई जबकि सच्चाई इसके विपरीत है मैं तो कर्मचारियों को और ना ही जनमानस को वैक्सीन मिल पा रही है और ना ही जीवन रक्षक दवाइयां सरकार के ऊपर बंधन की वजह से हजारों लोगों ने अपनी जान गवाई जिसकी जिम्मेदार सरकार है।
