कोरोना के चलते उड़ान वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा किया गया जरूरतमंद बेटी की शादी में सहयोग

कोरोना के चलते वृन्दावन की एक बेटी जिनके पिता जी नही है और
पहले से ही आर्थिक तंगी के बीच जिंदगी गुजार रहे आर्थिक कमजोरी के सामने बेटी की शादी करना बड़ा चुनौती बन गया  था बेटी के हाथ पीले करना हर माता-पिता का सपना होता है। बेटी की शादी की चिंता उन्हें बेटी के पैदा होते ही सताने लगती है। खासकर जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं, वे एक एक पैसा जोड़ते हैं ताकि बेटी की शादी में कोई परेशानी न आए। उड़ान संस्था ने पिछले 3 महीने पहले ही इस बच्ची की शादी में सहयोग के लिए उनकी माता जी को बोल दिया था उड़ान संस्था पिछले 3 साल में आप सभी के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की लड़कियों के हाथ पीले करने का काम करती आ रही है
विनीता की शादी जोकि 2 मई को अलीगढ़ में संपन्न हुई आप सभी के सहयोग ने आज समाज को ये संदेश दिया की अगर सभी समाज मे इस प्रकार गरीब माँ बाप की बेटियों की शादी मे योगदान दे तो बेटी कभी किसी माँ बाप के लिए बोझ नहीं होगी उड़ान संस्था इस बच्ची के वैवाहिक जीवन में उज्जवल भविष्य की कामना करता है
बच्ची को आत्मनिर्भरता के लिए सिलाई मशीन, एक कट्टा चावल,  गेहू, 1 लहंगा, 11 साड़ी, 7 सूट, 5 जेंट्स कपड़े, पर्स, गिफ्ट, बर्तन,दिए गये

उड़ान वेलफेयर ट्रस्ट (रजि०) आप सभी का आभार व्यक्त करता हैं आप सभी के सहयोग से विनीता की शादी जोकि 2 मई को अलीगढ़ में संपन्न हुई
आप सभी के सहयोग ने आज समाज को ये संदेश दिया की अगर सभी समाज मे इस प्रकार गरीब माँ बाप की बेटियों की शादी मे योगदान दे तो बेटी कभी किसी माँ बाप के लिए बोझ नहीं होगी उड़ान संस्था इस बच्ची के वैवाहिक जीवन में उज्जवल भविष्य की कामना करता है उड़ान संस्था की सचिव हिना माथुर ने सभी को ह्र्दय से आभार ब्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी ने हमारा साथ दिया आप सभी का स्नेह तथा आशीर्वाद हमें कुछ बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है
उड़ान संस्था की अध्य्क्ष ममता जी ने बच्चियों को आशीर्वाद देते हुए कहा की किसी जरूरतमंद की खुशियों से कोई तोहफा हमारे लिए नही हो सकता।
सहयोग के लिए हम मुख्य रूप से के. के वार्ष्णेय जी, चंद्र वार्ष्णेय , मधु चक्रवर्ती, सुंदरपाल वलियांन, वतरा सर, विजय जी, अजयपाल, रूबी, अंशुल मंगला , सुमित, प्रवीण गुलाटी, अमरजीत रंध्वा, नीतू दी ,शालू दी, नीरज नरूला जी, सुखवीर जी, पवन शर्मा , बाफना चंदनमल, हिमांशु