फरीदाबाद । समाजसेवी हरीश चन्द्र आज़ाद ने कहा कि अगर इंसान अब कोरोना के हालात को देखकर नहीं स भला तो कब स भलेगा । इस सदि के लोगों ने पहली बार मौत के भंयकर रूप में कोरोना को देखा है और यही वह समय है जो हमको इंसानित का संदेश दे सकता है । उन्होने कहा कि यही एक समय है जब इंसान बनकर कोरोना को हराया जा सकता है तो आओ सब मिलकर इन बिगड़े हालात का समाना करें और सरकारी व डाक्टरी नियमों का पूर्णतय सामना करें ।
आज़ाद ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि कुछ हैवानियम किस्म के लोग इन हालातों में भी गलत तरीके से पैसा कमाने में लगे हुए हैं जबकि वह हैवान भी देख रहे हैं कि मेहनत से कमाया पैसा ाी लोगों को नहीं बचा पा रहा है फिर वह हैवान इस तरह से कमाये पैसा का क्या करेगें । कुछ हैवान दवाईयां तक नकली बना कर बेच रहे हैं या कई गुना दामों पर बेच रहे हैं हम सब नागरिकों का फर्ज बनता है कि एैसे लोगों को पुलिस में पकड़वायें साथ में आज़ाद ने यह भी कहा कि इन हैवानों से ज्यादा हमारे देख में वह इंसान भी हैं जो अपनी जान की परबाह किये बिना लोगों की जान बचा रहे हैं हमारा देख एैसे लोगों के दम पर ही टिका हुआ है हम सबको भगवान ने कोरोना काल में इंसान बनने का मौका दिया है तो आओं सब मिलकर कोरोना को हरायें और कोरोना से अगर डरना है तो सिर्फ इतना डरें कि सरकार और डाक्रों द्वारा लगातार बताये जा रहे नियमों का पालन करें सिफ्र और सिर्फ एक यही तरीका है कोरोना को हराने का इसकी कड़ी को हम सब अपनी समझदारी से ही तोड़ सकते हैं और जैसे हमने कोरोना की पहली लहर को हराया है वैसे ही इस दूसरी लहर को भी जरूर हरोयेंगें ।
हम सब हमेशा कहते हैं कि भगवान तो हैं लेकिन देखा किसी ने नहीं हैं आज सब देख सकते हैं कि भगवान कितने रूप में हमको नज़र आ रहे हैं आज के हमारे भगवान हैं डाक्टरस व नर्स , पुलिस कर्मी ,स्वास्थय कर्मी , सफाई कर्मी , समाज सेवक , पत्रकार बंधू , वैज्ञानिक बंधू एैसे कई रूप में भगवान हमारी जान की रक्षा अपनी जान की परवह किये बिना कर रहें हैं तो आओ हमसब भी अपने भगवानों का साथ देते हुए उनके कोरोना से लडऩे के सारे नियम माने और कोरोना की लड़ाई जीतें ।
