अधिकारियों की संवेदनशील पदों पर नियुक्ति पर यूनियन ने जताई आपत्ति : मुकेश जोशी

फरीदाबाद। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप झेल रहे सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक अधिकारियों को बैंक की टॉप मैनेजमेंट ने एक बार फिर उन पदों पर नियुक्ति कर दिया है जो बेहद संवेदनशील हैं और जिनपर कार्य करते हुए ये अधिकारी अपने पूर्व कार्यकाल में किए गए घोटालों की जांच को प्रभावित कर सकते हैं। यह कहना है सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स ऑर्गनाइजेशन व गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन के चीफ कॉर्डिनेटर मुकेश जोशी का। यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में श्री जोशी ने कहा कि जिन अधिकारियों को होना चाहिये था सलाखों के पीछे वो मलाईदार पदों पर आसीन कर दिए गए हैं। बैंक प्रबंधन में बड़े स्तर पर हाल ही में हुए तबादलों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि रिजनल मैनेजर गुरुग्राम के पद पर कार्यरत को रोहतक मुख्यालय में ट्रांसफर कर दिया गया है। श्री जोशी ने आरोप लगाया है कि रोहतक मुख्यालय के निर्माण में हुए घोटाले में रिजनल मैनेजर की भूमिका संदिग्ध है। दरअसल रोहतक मुख्यालय के निर्माण के लिये 15 करोड़ रुपये का टेंडर विभिन्न अखबारों में विज्ञापित किया गया । इस टेंडर की शर्तों के अनुसार ₹ 15 करोड़ में 52000 वर्ग फुट बेसमेंट के साथ बनाया जाना था । लेकिन बैंक द्वारा मनमाने ढंग से करोड़ों रुपए की रिश्वत की एवज में उस निर्माण के लिये 25 करोड़ रुपए से अधिक जारी किये जबकि निर्माण का एरिया 52000 वर्ग फुट से घटाकर लगभग 39000 वर्ग फुट किया गया बिना बेसमेंट के। इस तरह बैंक को लगभग 15 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ। आश्चर्य की बात है कि जो टेंडर बैंक ने 15 करोड़ रुपए का कॉल किया था, वह टेंडर है ही नहीं और यह वर्क आर्डर 25 करोड़ रुपए से ऊपर का बिल्डिंग बनाने के दे दिया जो कि फ्रॉड है। इन सारी अनियमितताओं में सबसे संदिग्ध भूमिका पी.एस. संधू की रही। जबकि इस घोटाले में तत्कालीन अध्यक्ष पी.के.जैन, महाप्रबन्धक सिंगला तथा निवर्तमान अध्यक्ष ए.के.नन्दा, डॉ.एम.पी. सिंह की भूमिका पर भी सवालिया निशान लगे। जोशी ने बैंक के टॉप प्रबंधन से इस मामले में दखल देने और जितने भी अधिकारी जो भ्रष्टाचार में लिप्त है और उनको बैंक द्वारा आरोप पत्र दिया हुआ हैं। उन सभी तुरंत प्रभाव से हटाकर ईमानदार आदमियों को पद दिया जाए।