कोरोना काल में भी बाज नहीं आ रहे हैं स्कूल संचालक, ऑनलाइन लाइन क्लास बंद करने की धमकी देकर वसूल रहे हैं बढ़ाई गई फीस
फरीदाबाद। शिक्षा का व्यवसायीकरण करके छात्र व अभिभावकों का आर्थिक व मानसिक शोषण करते आ रहे निजी स्कूल प्रबंधक देश व समाज पर कोरोना वायरस के रूप में आई इस दूसरी भयंकर विपता के समय भी लूटखसोट व मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। हरियाणा अभिभावक एकता मंच का आरोप है कि स्कूल प्रबंधकों ने अभिभावकों के पास नोटिस भेजकर बढ़ाई गई अप्रैल मई-जून की फीस 25 अप्रैल तक जमा कराने को कहा है। ऐसा न होने पर 50 से 100 प्रतिदिन का जुर्माना और ऑनलाइन क्लास बंद करने की धमकी दी जा रही है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा व प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा ने कहा है स्कूल प्रबंधक देश व समाज पर आई इस भयंकर विपिता के समय भी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। जिन अभिभावकों ने उनको 13 महीने पहले तक मनमानी फीस देकर काफी लाभ पहुंचाया वे अब कोरोना काल में आर्थिक मंदी के शिकार व परेशान अभिभावकों को अब भी लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं जबकि 30 अप्रैल तक स्कूल बंद है और कोई पढ़ाई भी शुरू नहीं हुई है। हरियाणा सरकार ने 31 मई तक अध्यापकों को भी ग्रीष्म अवकाश प्रदान कर दिया है। इसके अलावा 550 प्राइवेट स्कूल में से जिन 100 स्कूलों ने बैलेंस शीट के साथ फार्म 6 पर फीस का ब्यौरा व अन्य जानकारी लिखी है उसकी जांच पड़ताल अभी शिक्षा निदेशक ने नहीं की है और ना फीस बढ़ाने की अनुमति दी है उसके बावजूद स्कूल प्रबंधकों ने फार्म 6 भरते ही फीस बढ़ा दी है और कई गैर कानूनी फंडों में फीस मांग रहे हैं।नियमानुसार जिन 450 स्कूलों ने फार्म 6 जमा ही नहीं कराया है वह तो किसी भी प्रकार से बढ़ी हुई फीस वसूल ही नहीं सकते हैं लेकिन वे भी मनमानी फीस मांग रहे हैं। मंच ने स्कूलों के नोटिस की कॉपी को मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, चेयरमैन सीबीएसई, शिक्षा सचिव व शिक्षा निदेशक हरियाणा को भेजकर ऐसे दोषी स्कूलों के खिलाफ उचित कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता रद्द करने की मांग की है।
