जागरूकता से ही हवाई हमलों के आक्रमण से बचा जा सकता है -डॉ एमपी सिंह

जागरूकता से ही हवाई हमलों के आक्रमण से बचा जा सकता है -डॉ एमपी सिंह

सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद/4 दिसंबर 2024

जगद्गुरु स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज के आदेशानुसार आपदा प्रबंधन के विषय विशेषज्ञ एवं सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ एमपी सिंह ने आज फरीदाबाद स्थित स्वामी सुदर्शनाचार्य वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय में हवाई हमले, भूकंप, आग आदि आपदाओं पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश तिवारी, एडमिनिस्ट्रेटर शिवकुमार, अध्यापक बंधु ओम प्रकाश शर्मा, कन्हैया कुमार झा, रविंद्रनाथ चतुर्वेदी, मदन मोहन वैष्णव, गुलशन कुमार झा, मीनू गुप्ता, मेघा शर्मा और सुषमा मुख्य रूपसे उपस्थित रहे।
डॉ एमपी सिंह ने बताया कि जब दो देशों में युद्ध छिड़ जाता है और हवाई हमले होने लगते हैं तब बचाव पक्ष में हमें बेसमेंट में चले जाना चाहिए या मजबूत घरों में छुप जाना चाहिए, बाहर खड़ा होकर तमाशा नहीं देखना चाहिए। यदि आप घर से बाहर है तो जमीन पर लेट जाना चाहिए और कानों में उंगली या रूई लगा लेनी चाहिए। चमकीले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। बल्ब, ट्यूबलाइट, लालटेन, दिया, मोमबत्ती आदि को बुझा देना चाहिए। ग्रुप में एक पास इकट्ठे नहीं होना चाहिए। 2-2,4-4 जहां जगह मिले वहां छुप जाना चाहिए। बम गिरने की स्थिति 6- 7 किलोमीटर के डाया में रहने वाले लोग प्रभावित हो जाते हैं। बम गिरने पर आग भी लग जाती है लकड़ी कागज कपड़े की आग को बुझाने के लिए पानी का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन पेट्रोल डीजल और तरल पदार्थो की आग को बुझाने के लिए ड्राई पाउडर का प्रयोग किया जाता है इस अवसर पर डॉ एमपी सिंह ने भूकंप आपदा आने पर क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए, आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए, जले हुए व्यक्तिओं को आज में से कैसे निकालना चाहिए और उसकी प्राथमिक सहायता क्या करनी चाहिए रसोई घर में सिलेंडर फट जाने की स्थिति में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए शॉर्ट सर्किट से आग लग जाने की स्थिति में क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए आदि के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा पूर्वाभ्यास भी कराया। उक्त कार्यक्रम 70 विद्यार्थियों और 10 अध्यापकों ने भाग लिया। अंत
में सिद्ध दाता आश्रम के पीठाधीश्वर अनंत श्री पुरूषोत्तमाचार्य महाराज जी ने डॉ एमपी सिंह को अंग वस्त्र और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया।