भारतीय लाडली गौरव अवार्ड से शहर की सभी महिला अधिकारी भी सम्मानित होंगी- हरीश चन्द्र आज़ाद

भारतीय लाडली गौरव अवार्ड से शहर की सभी महिला अधिकारी भी सम्मानित होंगी- हरीश चन्द्र आज़ाद

सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद।

बेटी बचाओ अभियान की मीटिंग जगजीत कौर के कार्यालय 3 नम्बर में संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक हरीश चन्द्र आज़ाद की अध्यक्षता में सम्मपन हुई। मीटिंग में महिला अंर्तराष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या 7 मार्च को होने वाले भारतीय लाडली गौरव अवार्ड पर चर्चा की गई और सर्वसम्मती से निर्णय लिया गया कि 7 मार्च को जवाहर कालोनी फरीदाबाद में 31 महान महिला विभूतीयों को इस अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा जिसमें शहर की सभी महिला अधिकारीयों, खेलों में, शिक्षा में तथा प्रत्येक क्षेत्र में सफलता हासिल करने वानी लाडलीयों को इस अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा।

राष्ट्रीय संयोजक हरीश चन्द्र आज़ाद ने कहा कि बेटी बचाओ अभियान हर वर्ष की तरह इस बार भी महान महिला विभूतीयों को भारतीय लाडली गौरव अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा लेकिन इस बार इस कार्यक्रम को विशाल रूप देने के लिये अभी से मेहनत की जायेगी। उन्होने कहा कि इस अवार्ड के लिये अपने-अपने क्षेत्र में महान कार्य करने वाली महिला विभूतीयों के आवेदन आने आरम्भ हो गये हैं जिनमें से कमेटी सर्वश्रेष्ठ विभूतीयों को चुनेगा।

चेयरमैन वासुदेव अरोड़ा ने कहा कि बेटी बचाओ अभियान का नारा कि वंश न बेटो से चलता है न बेटियों से बहुत सफल रहा और यह अवार्ड इसी कड़ी का एक रूप है। उन्होंने कहा कि इस नारे की बजह से लिगं अनुपात में तेजी से सुधार हुआ है जिसका परिणाम है कि आज हरियाणा में लिंग अनुपात 900 के पार है। चेयरमैन जगजीत कौर ने कहा कि पिछले 18 वर्षों से हमारी टीम कन्या भू्रण हत्या रोनकने पर कार्य कर रही है और हमारा जागृति अभियान नई पीढिय़ों को बेटियों के महत्व का संदेश देने के लिये स्कूल और कालेजों में कार्यक्रम कर रहे हैं जिसके बहुत अच्छे परिणाम आ रहे है।

महिला चेयरमैन शीतल लूथरा व सलाहाकार सतेन्द्र दुगल ने कहा कि इस कार्यक्रम के लिये शहर के सभी गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिन 31 महान महिला विभूतीयों को इस अवार्ड से सम्मनित किया जायेगा उनके होर्डिगं भी शहर में उनके स्वागत के लिये लगाये जायेंगे।

इस मौके पर जगजीत कौर, वासुदेव अरोड़ा, सतेन्द्र दुगल, कुलदीप सिंह, हरीश चन्द्र आज़ाद, शीतल लूथरा, जसविन्द्र कौर, कमलेश कुमारी आदि ने अने विचार रखे।