11 हजार 250 दिये जलाकर मनाया श्रीराम के अयोध्या लौटने का पर्व

11 हजार 250 दीयों से जगमग हुआ श्री सिद्धदाता आश्रम
तिल के तेल के दीये जलाकर मनाया श्रीराम के अयोध्या लौटने का पर्व

सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद।

सूरजकुंड रोड स्थित श्री सिद्धदाता आश्रम एवं श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में दीपावली के पर्व को पारंपरिक तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर 11 हजार 250 दीये प्रज्ज्वलित किए गए। जिसमें तिल के तेल का उपयोग किया गया।
इस अवसर पर आश्रम के अधिपति जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीराम के लंकापति रावण पर विजय के बाद अयोध्या लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। उसी पर्व को हम दीपावली के रूप में मनाते हैं। उन्होंने बताया कि अमावस्या होने के कारण अयोध्या में अंधेरा था जिसको दूर भगवाने के लिए निवासियों ने पूरे नगर को ही दीयों से रोशन कर दिया। जिससे श्रीराम बहुत प्रसन्न हुए।
स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने कहा कि हम इन दीयों को जलाकर अपनी प्रसन्नता का प्रदर्शन करते हैं वहीं अपने अंदर भी आत्म प्रकाश को ग्रहण करें। जिससे कि हमारे इहलोक और परलोक दोनों सुधर जाएं। उन्होंने आश्रम पहुंचने वाले हजारों भक्तों को प्रसाद एवं आशीर्वाद प्रदान किया। आश्रम एवं श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम परिसर अद्भुत प्रकाश से जगमग रहा। हर वर्ष यहां दीवाली मनाने के लिए असंख्य भक्तगण पहुंचते हैं और वह यहां पर दीये जलाकर गुरु और भगवान के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं और अपनी इच्छाओं को भी प्रकट करते हैं। माना जाता है कि यहां पर आने वालों की इच्छाएं अतिशीघ्र प्रकट होती हैं। यहां पर परिक्रमा लगाने से भी अनेक संकटों से छुटकारा मिलता है और इस भौतिक जीवन में संघर्ष घटने लगता है।