श्री धार्मिक लीला कमेटी के दर्शकों ने बढ़ाया रामलीला का कद -हरीश चन्द्र आज़ाद
रामलीलाओं के मंचन पर शासन-प्रशासन द्वारा भी उचित प्रबंध होने चाहियें
सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद।
श्री धार्मिक लीला कमेटी के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि हमारी रामलीला में दर्शकों की भीड़ और उनके शांतिपूर्ण तरीके से मर्यादा पुरूषोतम श्रीराम की लीला देखने की मर्यादा ने हमारी रामलीला का कद बढ़ाया है जिसको सभी मुख्य अतिथियों ने प्रमाणित किया। हमारे प्रतिदिन आने वाले सभी मुख्य अतिथियों में पूर्व मंत्री ए सी चौधरी, कांगेसी नेता विजय प्रताप, चेयरमैन हरियाणा सरकार धनेष अदलखा, पूर्व मंत्री विपुल गोयाल, महिला आयोग चेयरमैन रेनू भाटिया, समाजसेवी वासुदेव अरोड़ा, दर्शन मलिक व जगजीत कौर सभी ने माना कि फरीदाबाद की किसी भी रामलीला में इतनी भारी संख्या में दर्शक नही देखे जितनी भारी संख्या में श्री धार्मिक लीला कमेटी की रामलीला में दर्शक रामलीला आरम्भ होने से समाप्त होने तक रहते हैं। उन्होंने बताया कि 450 कुर्सियाँ दर्शकों के लिये लगाई गई लेकिन वह भी कम पड़ गई दर्शक उससे दुगनी संख्या में थे और इससे बड़ी बात सभी दर्शक मर्यादित दर्शक रहे और श्रद्वा से रामलीला का मंचन देखते हैं।
निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि बाकि त्यौहारों की तरह रामलीलाओं के आयोजन को भी हिन्दु धर्म के पवित्र त्यौहारों की तरह समझते हुए शासन व प्रशासन को अपनी तैयारीयाँ करनी चाहियें जैसे रामलीलाओं की अनुमति सिर्फ एक जगह पत्र देने से मिलनी चाहिये, पुलिस प्रशासन को वहाँ पुलिस कर्मियों की डयूटी लगानी चाहिये, नगर निगम को रामलीलाओं के मैदान में मच्छर मारने की दवाई छिडक़नी चाहिये तथा सफाई का प्रबंध करना चाहिये, करीब 20 वर्षों से हो रही रामलीलाओं को मैदान उपलब्ध करवाने चाहियें। उन्होंने कहा कि हमारी रामलीला में पुलिस प्रशासन का रवैया बहुत ही ज्यादा खराब रहा, बार-बार कहने पर भी पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का कोई प्रतिबंध नही किया।
आज़ाद ने कहा कि श्रीराम की मर्यादा ही हमारे देश की पवित्र संस्कृति है और इसको को दर्शाने का रामलीला मंचन ही सबसे बड़ा मंच है इसलिये रामलीलाओं के लिये शासन-प्रशासन द्वारा उचित प्रबंध बहुत जरूरी है।
