फरीदाबाद। महाराष्ट्र मित्र मंडल द्वारा 19 फरवरी को गाँधी कॉलोनी स्थित कार्यलय में छत्रपति शिवाजी जयंती का कार्यक्रम आयोजित किया गया . कार्यक्रम जय भवानी जय शिवाजी के जयघोष के साथ शुरू हुआ . मंडल के संरक्षक सुधाकर पांचाल ने शिवाजी की प्रतिमा पर फूलों से बना हार अर्पित किया एवं कार्यक्रम में आए सभी कार्यकर्ताओ को शिवाजी के जीवन से प्रेरणा लेने की सीख दी। उन्होंने छत्रपति शिवाजी के बारे में बताते हुए कहा की छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1627 को मराठा परिवार में शिवनेरी (महाराष्ट्र) में हुआ था। शिवाजी के पिता का नाम शाहजी एवं माता का नाम जीजाबाई था . शिवाजी महाराज एक भारतीय शासक थे , जिन्होंने मराठा साम्राज्य खड़ा किया था . वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे बहादुर, बुद्धिमानी, शौर्यवीर और दयालु शासक थे . इसीलिए उन्हें एक अग्रगण्य वीर एवं अमर स्वतंत्रता-सेनानी स्वीकार किया जाता है । माता जीजाबाई धार्मिक स्वभाव वाली होते हुए भी गुण-स्वभाव और व्यवहार में वीरंगना नारी थीं। इसी कारण उन्होंने बालक शिवा का पालन-पोषण रामायण , महाभारत तथा अन्य भारतीय वीरात्माओं की उज्ज्वल कहानियां सुना और शिक्षा देकर किया था . दादा कोणदेव के संरक्षण में उन्हें सभी तरह की सामयिक युद्ध आदि विधाओं में भी निपुण बनाया था . धर्म, संस्कृति और राजनीति की भी उचित शिक्षा दिलवाई थी ।उनकी इस वीरता के कारण ही उन्हें एक आदर्श एवं महान राष्ट्रपुरुष के रूप में स्वीकारा जाता है। इसी तरह शिवाजी महाराज अपने जीवन काल में एक से एक युद्ध जीते और मराठा साम्राज्य स्थापित करते गए . परन्तु छत्रपति शिवाजी महाराज का 3 अप्रैल 1680 ई. में तीन सप्ताह की बीमारी के बाद रायगढ़ में स्वर्गवास हो गया और मराठा साम्राज्य में अपना महाराज खो दिया परन्तु उनकी स्वराज्य की भावना आगे मराठा शासको में एक प्रेरणा बनी। मंडल के अध्यक्ष राजेन्द्र पांचाल ने छत्रपति शिवाजी को पुष्प अर्पित किए . उन्होंने मंडल के संरक्षक सुधाकर पांचाल एवं लक्ष्मण पांचाल को भगवा रंग का फेटा पहना कर समान्नित भी किया। कार्यक्रम में सुरेश मेसत्री , राजेन्द्र पांचाल , सुधाकर पांचाल , लक्ष्मण पांचाल , विलास पांचाल , रविन्द्र पांचाल , रोहित , तेजस , गायत्री , निशा , तनवी एवं मंडल के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
