संत श्री आशारामजी बापू आश्रम भाकरी गांव में पूरे हर्षोल्लास से मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया

संत श्री आशारामजी बापू आश्रम भाकरी गांव में पूरे हर्षोल्लास से मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया गया संत श्री आसाराम जी बापू ने इसकी पहल 2007 में करी थी बापूजी मुंबई में होने वाले धर्म रक्षा मंच जिसका उन्हें अध्यक्ष बनाया गया था, से इसकी शुरुआत करी थी बापू जी ने मचं से बताया कि उन्हें यह देखकर अति पीड़ा हुई कि आज के दौर में युवक-युवतियों वैलेंटाइन डे के चकरो में पढ़कर एक-दूसरे को फूल देकर, प्रपोज करके , लव यू वगैरह कहकर अपना यौवन खराब करते हैं यह असली प्रेम नहीं है असली प्रेम तो है अपने माता-पिता के प्रति बापूजी ने कहा मैं किसी का विरोध नहीं करता परंतु मातृ पितृ पूजन दिवस की शुरुआत से हम अपनी युवा पीढ़ी को बचा सकते हैं और बापूजी का यह संकल्प आज पूरे विश्व में फैल रहा है आज भारत देश के हर गांव और शहर में बापूजी के साधक करीब महीना पहले ही मातृ पितृ पूजन दिवस की शुरुआत कर देते हैं वह जगह-जगह स्कूलों में जाकर कॉलेजों में जाकर बच्चों को बताते हैं कि मातृ पितृ पूजन दिवस किस तरह से किया जाए । बापूजी के साधक बच्चों को बताते हैं कि 14 अप्रैल को मातृ पितृ पूजन दिवस किस तरह से मनाना चाहिए इसी उपलक्ष में आज भाकरी स्थित संत श्री आसाराम जी बापू के आश्रम में भी साधकों ने मिलकर मातृ पितृ पूजन दिवस मनाया सभी लोग भावुक हो गए। इस उपलक्ष में दिल्ली बदरपुर, बल्लभगढ़ ,संजय कॉलोनी, एनआईटी, डबुआ कॉलोनी क्षेत्रों से कई साधक अपने बच्चों के साथ आए आश्रम के सेवादार श्री प्रभु दयाल खट्टर जी (काका जी) की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ।