हॉस्पिटल ऑक्सीजन फैक्ट्री के धुएं, शोर एवं वायु प्रदूषण से परेशान हुए वरिष्ठ नागरिक

फरीदाबाद -18 नवंबर। समस्या जब सांस लेना भी दूभर कर दे तो स्थिति अधिक गंभीर बन जाती है। सांसों पर बन आयी तो वरिष्ठ नागरिक अस्पताल प्रबंधन से शिकायत करने पहुंच गए। रिहायशी क्षेत्र के मध्य बने एक निजी अस्पताल के ऑक्सीजन फैक्ट्री से निकलने वाले धुएं, बड़े – बड़े जेनरेटर सेट और एक्जिस्ट पंखो के शोर, बढ़ते वायु प्रदूषण वरिष्ठ नागरिकों की परेशानी का सबब बन चुके है। अस्पताल प्रबंधन उक्त समस्या का समाधान यथाशीघ्र नहीं करता है तो वरिष्ठ नागरिक क़ानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे। हरियाणा सरकार एवं पुलिस प्रशासन वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर प्रांत स्तर पर व्यापक अभियान चला कर शहरवासियों को जागरूक कर रही है।

सेक्टर 16 ए और सेक्टर 16 डिवाइडिंग रोड के मध्य बने हुए मेट्रो अस्पताल की पिछली दीवार के साथ बने ऑक्सीजन प्लांट के चलते दीवार के साथ लगते घरों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की परेशानी का कारण बन चुका है। उक्त अस्पताल के बड़े – बड़े जनरेटर सेट, खतरनाक डीजल के धुएं, भारी कंपन, ऑक्सीजन कारखाने के धुएं और गैसों के निकास पंखे, शीतलन से भारी शोर और वायु प्रदूषण से वरिष्ठ नागरिक, बच्चे एवं महिलाएं बहुत परेशान और व्यथित हैं। सिस्टम ब्लोअर पंखे भारी शोर, चिलिंग टावर लोड, जल प्रदूषण, गंध के साथ ईटीपी से अस्पताल का कचरा और मेट्रो अस्पताल- सेक्टर 16 ए से खतरनाक उत्सर्जन। इन सभी समस्याओं ने सेक्टर 16 ए में मेट्रो हॉस्पिटल के साथ लगते मकानों में रहने वाले सेक्टरवासियों का जीवन नरक से भी बदतर बना दिया है।

उक्त समस्या से पीड़ित सेक्टर वासियों में वरिष्ठ नागरिकों में पूर्व एक्सईएन एस.के त्यागी, नरेश यादव, एस आहूजा, नेहा, सुश्री मेहा मित्तल एवं अन्य, निवासी एच नंबर, 532, 517, 516, 504, 497 सेक्टर 16 ए, साइड हाउस में रहते हैं। 15 नवंबर को चहारदीवारी के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में अस्पताल प्रशासन प्राधिकरण, सुश्री सना, राजेश वशिष्ठ, सोहेल मेंटेनेंस इंजीनियर से मुलाकात कर लिखित में अपना शिकायत पत्र देकर उक्त तमाम बातों से अवगत कराया।

पूर्व एक्सईएन एस.के त्यागी ने बताया कि मेट्रो अस्पताल के अधिकारियों ने हाउस नंबर 516/16 ए के सामने ऑक्सीजन फैक्ट्री को स्थानांतरित करने, जेनरेटर और मशीनरी को हाउस नंबर 532/16 ए के सामने से स्थानांतरित करने पर सहमति व्यक्त की थी। सड़क किनारे बहने वाले गंदे प्रदूषित पानी को रोकने के लिए वे टाई बीम फाउंडेशन के नीचे एक नींव की दीवार का निर्माण करेंगे। ऑक्सीजन फैक्ट्री और जनरेटर को अस्पताल के सामने की तरफ शिफ्ट करना क्योंकि यह वरिष्ठ नागरिकों और निवासियों के स्वास्थ्य, शांति और अशांति को बचाने के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने एक महीने में उक्त सभी कार्य करने का आश्वासन दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने ब्लोअर एवं मौजूदा जनरेटर के ध्वनि स्तर की जांच और प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं होने की स्थिति में उन्हें स्थानांतरित करने का भी सेक्टरवासियों को विश्वास दिलाया है। हॉस्पिटल प्रबंधन अपनी बात से मुकरता है तो वरिष्ठ नागरिक क़ानूनी कार्रवाई करेंगे। वर्तमान में हरियाणा सरकार एवं पुलिस प्रशासन ग्रामीण एवं शहरी रिहायशी क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर प्रांत स्तर पर व्यापक अभियान चला कर शहरवासियों को जागरूक कर रही है।