शुद्ध रसोई में मिल रहा है पौष्टिकता युक्त आहार

बीके अस्पताल में इंसोनियत संस्था की पहल को मिल रहा है आमजन का सहयोग
फरीदाबाद। मानवता की सेवा सबसे बड़ा पुण्य है, यदि यह पुण्य कार्य जरूरतमंदों को खाना मुहैया करवा कर कमाया जाए तो उससे बड़ी कोई सेवा नहीं है। इसी सेवाभाव को फरीदाबाद की इंसोनियत संस्था ने आगे बढ़ाया है। फरीदाबाद के बीके अस्पताल में हरियाणा दिवस पर शुरू की गई शुद्ध रसोई में हर रोज 500 से 800 लोग 10 रुपये में भरपेट खाना खा रहे हैं।
महंगाई के दौर में स्वास्थ्य और पौष्टिका युक्त भोजन सबसे बड़ा चिंतनीय विषय है। लिहाजा स्वास्थ्य के प्रति सचेत होने के बावजूद भी व्यक्ति रोगों की चपेट में आ रहा है। अस्पतालों में रोगियों की संख्या में हर रोज इजाफा हो रहा है। रोगियों के साथ आने वाले तमीरदारों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन के लिए काफी मारामारी करनी पड़ती है। मगर फरीदाबाद के बीके अस्पताल में इंसोनियत संस्था द्वारा शुरू की गई पहल के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। हरियाणा दिवस पर संस्था द्वारा शुरू की गई शुद्ध रसोई की पहल मरीजों के साथ उनके तमीरदारों को काफी रास आ रही है। यहां पर हररोज 500 से 800 लोग खाना खा रहे हैं।
इंसोनियत संस्था के प्रधान सुरेंद्र कुमार कौशिक का कहना है कि इंसोनियत संस्था की तरफ से शुद्ध रसोई की शुरुआत की गई है। रसोई में एक ओर जहां मरीजों को मुफ्त में भोजन उपलब्ध कराया जाता है वहीं दूसरी ओर मरीजों के तीमारदारों को मात्र 10 रुपए में थाली उपलब्ध कराई जाती है। 10 रुपये की थाली में सब्जी, दाल, चावल, स्लाद और रायता शामिल है। शुद्ध रसोई की पहल इतनी सार्थक साबित हो रही है कि शहर के दूसरे हिस्सों से भी श्रमिक व अन्य लोग यहां खाना खाने पहुंच रहे हैं, क्योंकि महंगाई के दौर में 50 से 100 रुपये के बीच में खाना मिलता है, जबकि रसोई में 10 रुपये में भरपेट खाना मिल रहा है।
रसोई के संचालन में संस्था के उप प्रधान तरुण खुल्लर, महासचिव डीआर शर्मा, कोषाध्यक्ष रमेश बंसल व संयुक्त सचिव सतीश कुमार विशेष भूमिका निभा रहे हैं।
उनका कहना है कि इससे पहले पूर्व मंत्री विपुल गोयल ने बीके अस्पताल में कैंटीन की शुरुआत की थी, लेकिन अब इंसोनियत संस्था ने दोबारा रसोई का संचालन किया है।