अब कूड़ा प्रबंधन और वाटर ट्रीटमेंट के छोटे-छोटे प्रोजेक्ट लगाने होना चाहिए कामः मुख्यमंत्री मनोहर लाल
कचरा प्रबंधन के लिए हरियाणा लगातार आगे बढ़कर कर रहा काम, भविष्य में भी करेंगे और काम – मुख्यमंत्री
फरीदाबाद में तरल व ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नई-नई तकनीकों पर आयोजित हुआ सेमिनार
फरीदाबाद, 4 नवंबर – नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस श्री आदर्श कुमार गोयल ने कहा कि ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार देशभर में सबसे अच्छे कदम उठा रही है। इसका श्रेय हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को जाता है। एनजीटी द्वारा जारी आदेशों को हरियाणा सरकार प्रमुखता से लेकर उन पर कार्य करती है। इसी का उदाहरण है कि सरकार ने तत्काल ट्रीटमेंट वाटर को लेकर पॉलिसी बनाई है। ठोस व तरल कचरे का प्रबंधन अति आवश्यक है। इसके दुष्परिणाम हम सभी के लिए हैं सभी को इसके लिए प्रयास करना चाहिए। श्री आदर्श कुमार गोयल शुक्रवार को तरल व ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नई तकनीकों पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे।
श्री आदर्श कुमार गोयल ने कहा कि हरियाणा ने यमुना में प्रदूषण को लेकर सख्त कार्रवाई की है। सोनीपत और पानीपत से निकलने वाले औद्योगिक कचरे को यमुना में डालने पर रोक लगाई है और वहां पर एसटीपी स्थापित किए हैं। श्री गोयल ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा को ट्रीटेड पानी को नदियों में न डालने को लेकर कहा तो हरियाणा ने इस ट्रीटेड पानी को भी नदियों में डालना बंद कर दिया है और इसका पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। यह बेहद सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के राज्यों को हरियाणा की तरह कचरा प्रबंधन की समस्या के समाधान के लिए आनरशिप लेनी होगी।
अब कूड़ा प्रबंधन और वाटर ट्रीटमेंट के छोटे-छोटे प्रोजेक्ट लगाने होना चाहिए कामः मुख्यमंत्री मनोहर लाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि ठोस कूड़ा प्रबंधन व वाटर ट्रीटमेंट के छोटे-छोटे प्रोजेक्ट लगाने पर काम होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों पर आधारित सेमिनार का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट तो लगाए ही जा रहे हैं लेकिन आज छोटे-छोटे प्रोजेक्ट की भी आवश्यकता है, जो किसी कॉलोनी, मोहल्ले व सोसाइटी आदि में भी लगाए जा सकें। आज इसके शुरूआती विषय पर विचार किया गया है, सफलता तब मिलेगी जब हम इसे जमीन पर उतारेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरा प्रबंधन को लेकर हरियाणा सरकार आगे बढ़कर काम कर रही है और अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा रही है लेकिन समाज को भी जागरूक होना पड़ेगा और अपना योगदान देना होगा। तभी इस समस्या का समाधान होगा।
2030 तक 80 प्रतिशत ट्रीटेड पानी का होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें ट्रीटेड पानी का ज्यादा से ज्यादा पुनः इस्तेमाल करना चाहिए। हम हर दिन घरों में गाड़ी धोने, टॉयलेट, बागवानी के लिए ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। आज प्रदेश में 750 क्यूसिक ट्रीटेड पानी इस्तेमाल कर रहे हैं, 2030 तक 80 प्रतिशत ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रदेश में कहीं भी एसटीपी लगाने से पहले उससे ट्रीटेड होने वाले पानी का पुनः इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को भविष्य में पानी की डबल पाइपलाइन डालने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ-साथ उद्योगों में भी ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल होगा। साफ पानी को बचाना बड़ी आवश्यकता है। प्रदेश के थर्मल प्लॉटों में आसपास के 50 किलोमीटर में लगे एसटीपी के ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि हमें भावी पीढ़ी को धन-दौलत के साथ-साथ स्वच्छ पेय जल की विरासत भी देनी होगी और तभी सरकार ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना बनाई है।
तालाबों का किया जा रहा जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेशभर में तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। पहले तालाब का पानी बेहद स्वच्छ होता था, जिसे हम पी भी सकते थे लेकिन अब तालाब दूषित हो रहे हैं और यह पशुओं को पानी पिलाने लायक भी नहीं बचे हैं। ऐसे में हरियाणा सरकार ने पौंड अथॉरिटी बनाई है। प्रदेश में 18 हजार तालाब हैं, इनमें से 1726 तालाबों को चिन्हित किया गया है। अभी तक 611 तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया जा चुका है। एक-एक करके जल्द ही पूरे प्रदेश के सभी तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
वाहनों की स्क्रैप का भी किया जा रहा प्रबंधन
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि वाहनों की स्क्रैप का भी प्रबंधन किया जा रहा है। सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पुराने वाहनों को रि-साईकिल किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार के सहयोग से नूंह में एक प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई है। जल्द ही अन्य शहरों में भी इसे शुरू किया जाएगा।
सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर जन जागरण की आवश्यकता
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर जन जागरण की आवश्यकता है। हमें जूट, कपड़े और डिस्पोजल बैग का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए नए-नए स्टॉर्टअप काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरा प्रबंधन के लिए हमें पूरे समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है, तभी इन समस्याओं का निदान होगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ न करें। पर्यावरण को सब मिलकर गंदा करेंगे तो बात बिगड़ जाएगी लेकिन सब मिलकर काम करेंगे तो स्वच्छता बन जाएगी।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जस्टिस श्री प्रीतमपाल, विधायक सीमा त्रिखा, विधायक नरेंद्र गुप्ता, विधायक नयनपाल रावत, विधायक राजेश नागर, विधायक नीरज शर्मा, मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव, एसीएस श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार सिंचाई देवेंद्र सिंह, एसीएस श्री विनीत गर्ग, एसीएस श्री अरूण कुमार गुप्ता, उपायुक्त विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया, स्मार्ट सिटी के सीईओ कृष्ण कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त अपराजिता व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Press Note – 2
ठोस व तरल कचरा प्रबंधन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा नई तकनीक पर आयोजित सेमिनार
– मुख्यमंत्री ने कहा- कचरा प्रबंधन के लिए जनता की जागरूकता जरुरी
फरीदाबाद, 4 नवंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लिए जनता को जागरूक करना बेहद जरुरी है, तभी इस समस्या का निदान हो पाएगा। इसी दिशा में इस सेमिनार का आयोजन किया गया है। इसके अंतर्गत नई-नई तकनीकों के संदर्भ में जानकारी दी गई, जो भविष्य में कचरा प्रबंधन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल स्वयं इस सेमिनार में मौजूद रहे।
कार्यक्रम में कचरा प्रबंधन की अलग-अलग तकनीक पर आधारित वक्तव्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में तरल कूड़ा प्रबंधन को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने सर्वप्रथम जानकारी दी। इसके साथ-साथ सीवरेज मैनेजमेंट, ट्रीटेड पानी के उपयोग, ट्रीटमेंट की तकनीक, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज और एसटीपी पर अलग-अलग प्रस्तुती दी गई। कार्यक्रम के दौरान डायकी एक्सेस द्वारा जोकासो तकनीक पर प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि जापान एक समय तरल व ठोस कूड़ा प्रबंधन की समस्या का सामना कर रहा था। धीरे-धीरे जापान ने इस समस्या पर काम किया, नए-नए शोध कार्य किए और बदलाव किया। आज जापान में 90 प्रतिशत पानी को एसटीपी में ट्रीट किया जाता है। जापान की जोकासो तकनीक को बहुत से अवॉर्ड मिले हैं।
कार्यक्रम के दौरान जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम तकनीक पर प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि आज पानी को बचाने के लिए नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल करना बेहद जरुरी है। अगर हम इन तकनीकों के माध्यम से पानी को बचाएंगे और उसे ट्रीट करेंगे तो इससे प्रदूषित पानी नदियों को दूषित नहीं करेगा। पर्यावरण संरक्षित होगा।
सब सहयोग करेंगे तभी होगा प्रदूषण व कचरा प्रबंधन जैसी समस्या का समाधान – कृष्णपाल
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि आज कूडा प्रबंधन की समस्या पर हरियाणा ही नहीं पूरा देश चिंतित है। यह हरियाणा के लोगों का सौभाग्य है कि इस समस्या की चिंता स्वंय हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल कर रहे हैं। तभी वे इस सेमिनार में खुद उपस्थित हुए हैं। श्री गुर्जर ने कहा कि इस समस्या का समाधान तभी होगा जब हम सब सहयोग करेंगे। आज योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगा। हमें पर्यावरण को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस श्री आदर्श कुमार गोयल ने भी पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। श्री कृष्णपाल ने कहा कि फरीदाबाद एशिया के बड़े औद्योगिक टाउन में है। यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में 7 साल के अंदर बहुत काम किए हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि हमें जागरूक होकर पर्यावरण प्रदूषण व कूड़ा निस्तारण की समस्या पर काम करना चाहिए।
कूड़ा प्रबंधन पर काम कर रही मनोहर सरकार – मूलचंद शर्मा
हरियाणा के परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि कूंड़ा प्रबंधन पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के नेतृत्व में काम किया जा रहा है। कचरा सबसे बड़ी समस्या है। इस समस्या के समाधान के लिए नई-नई तकनीक का प्रयोग अति आवश्यका है, तभी इससे निजात पाया जा सकता है। श्री मूलचंद शर्मा ने कहा कि हरियाणा में कचरा प्रबंधन को लेकर लगातार नए प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ पानी को भी ट्रीटेड करके पुनः इस्तेमाल किया जा रहा है। इस दिशा में सरकार के साथ-साथ आम जनता को भी आगे आकर प्रयास करना होगा।
सेमिनार को जस्टिस प्रीतम पाल, हरियाणा पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन पी. राग्वेंद्र राव, सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के वैज्ञानिक एस. नज़ीमुद्दीन साहब, सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के संजीव कुमार, हरियाणा ग्रे वाटर प्रबंधन के मुख्य अभियंता शंकर जिंदल, सेंट्रल पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की दिव्या सिन्हा ने प्रथम सेशन को संबोधित कर ठोस व तरल कचरा प्रबंधन की दिशा में अपने सुझाव साझा किए।
सेमीनार में विधायक सीमा त्रिखा, विधायक नरेंद्र गुप्ता, विधायक नयनपाल रावत, विधायक राजेश नागर, विधायक नीरज शर्मा, मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव, एसीएस-कम- सीईओ फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण श्री सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के सलाहकार (सिंचाई) देवेंद्र सिंह, एसीएस श्री विनीत गर्ग, एसीएस श्री अरूण कुमार गुप्ता, पुलिस आयुक्त श्री विकास अरोड़ा, उपायुक्त विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त जितेंद्र दहिया, स्मार्ट सिटी के सीईओ कृष्ण कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त अपराजिता व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
