गढ़खेड़ा में ग्राम पंचायत चुनाव सर्वसम्मति से कराने की तैयारी

– घर-घर जाकर वोटर्स को किया जा रहा है जागरूक
– आज गाँव के शिव मंदिर पर होगी बड़ी बैठक

फरीदाबाद। भले ही अभी चुनाव आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं की चुनाव तारीख घोषित नहीं किए हैं। उससे पहले गांवों में चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। लेकिन, इसबार गाँव गढ़खेड़ा के ग्रामीण अनोखी पहल शुरू करने जा रहे है। जिसके तहत गाँव में सर्वसम्मति से ग्राम पंचायत के गठन की कवायद शुरू हो चुकी है। बाकायदा रविवार को गाँव के मौजिज लोग व युवाओं ने पंचायत चुनाव को सर्वसम्मत बनाने के लिए बड़ी बैठक बुलाई है। ताकि चुनाव की तारीख की घोषणा से पूर्व ही लोगों में सहमति बनाई जा सके।

ग्रामीण रूपचंद, सुमेर, चमन वैष्णव, प्रेमचंद मास्टर कहते हैं कि 40 साल पहले गाँव में सर्वसम्मति से दो बार सरपंच चुने गए थे। इसके बाद गांव में लगातार सरपंच पद के लिए वोटिंग प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसबार वोट की बजाए सर्वसम्मति बनाने की कोशिश की जाएगी। सर्वसम्मति से बनाने के लिए 51 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।

गाँव की युवा टोली निर्विरोध पंचायत चुनाव को लेकर खासी उत्साहित दिखाई देती है।
ग्रामीण सुधार समिति के पूर्व अध्यक्ष हरिदत्त वशिष्ठ, जीतपाल, उदयपाल, सुनील सैनी, कमल शास्त्री, बाबूराम कश्यप, सतपाल, जनक कालीरमण, मास्टर चंद्रपाल, ओमपाल शास्त्री, ब्रजेश वामदेव कहते हैं कि वोट-बैंक की राजनीति ने गाँव में नये विवादों को जन्म दिया है। यह गाँव के विकास में भी अक्सर अड़चन पैदा करती रही है। इससे गाँव के सौहार्द व भाईचारा भी खराब होता है। इसलिए अधिकांश ग्रामीणों का मत हैं कि इसबार पंचायत चुनाव सर्वसम्मति से हो। जन-जागरण के लिए 5000 पंपलैंट छपवाए गए हैं। हम वोटर्स को निर्विरोध पंचायत के फायदे बताएंगे।

क्या है योजना
इसबार गाँव गढ़खेड़ा में सरपंच पद अनुसूचित जाति वर्ग में महिला आरक्षित हैं। इसके अलावा 13 पंच में से भी 4 महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। ग्रामीण गाँव में पढ़ी-लिखी महिला सरपंच के साथ-साथ सभी 13 पंचों को भी महिलाओं को चुना जाए। ताकि गाँव में इसबार पूरी तरह महिला सरकार बन सके। यदि सबकुछ ठीक रहा तो गढ़खेड़ा महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण बनेगा।