लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने 3 आरोपियो को किया गिरफ्तार
फरीदाबाद के दो व्यक्तियों को बनाया था अपना शिकार
आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन व 5 सिम कार्ड सहित 81000/- रुपए नकद बरामद
फरीदाबाद: आजकल के आधुनिक युग में जहां हर प्रकार की सुविधाएं घर बैठे
ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती हैं वही कुछ अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति
इसका गलत फायदा उठाकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। अपराधिक
प्रवर्ति के व्यक्ति मोबाइल पर लोगो को घर बैठे ऑनलाइन बिजनेस करके अच्छा
कमीशन देने के नाम पर लोगों के महनत की कमाई को हड़प लेते है। इसी प्रकार
से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए
साइबर अपराध थाना सेंट्रल की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस मामले में अभी जांच जारी है जिसमें अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया
जाएगा।
पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में
विशाल, अंकित तथा उदित उर्फ गोपी का नाम शामिल है। आरोपी अंकित और उदित
उर्फ गोपी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी के तथा आरोपी विशाल
दिल्ली के राजा बाजार का रहने वाला है। आरोपियों ने फरीदाबाद के रहने
वाले प्रेमचंद के मोबाइल से बात कर इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस पालिसी
करवाने पर आदित्य बिरला कैपिटल से 1500000/-रु का लोन दिलाने के नाम पर
अपने फर्जी खाते में 26 फरवरी को 75 हजार व 28 फरवरी को भी 75 हजार रुपए
डलवा कर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी इस बीच उनसे कई बार
संपर्क करने की कोशिश करता रहा
पीड़ित ने 19 जुलाई को इसकी शिकायत साइबर थाने में दी जिसके आधार पर
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू
की गई।
डीसीपी नीतीश कुमार अग्रवाल ने मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए
आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए जिसके तहत सहायक पुलिस आयुक्त विनोद
कुमार की देखरेख में निरीक्षक सतीश कुमार प्रबंधक थाना साइबर अपराध
सेंट्रल के नेतृत्व में ASI प्रमोद, PSI तरूण, PSI मोहित, ASI हरकेश,
मुख्य सिपाही संदीप, सि0 कृष्ण, सिपाही कर्मवीर, सिपाही लक्ष्मण, सि0
राकेश, सि0 परमिन्द्र व सि० शमसेर की टीम का गठन किया जो उपरोक्त साइबर
टीम ने साइबर तकनीक का प्रयोग करके मामले में शामिल तीनों आरोपियो को
गाजियाबाद के वैशाली में कॉल सेन्टर चलाते हुए गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों को अदालत में पेश करके 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था
आरोपीयो से 5 मोबाइल फोन व सिम कार्ड सहित 39000/- रुपए नकद बरामद हुए
है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से फरीदाबाद में सेक्टर-29 में रहने वाले
अपूर्व सिंह के साथ भी एक अन्य 7.1 लाख रुपए की वारदात का खुलासा किया।
जिसमें आरोपीयो को अदालत में पेश कर उपरोक्त केस मे 1 दिन के पुलिस रिमाड
पर लेकर मामले में पूछताछ की गई है। आरोपियों से पीडित अपूर्व सिंह के
मामले में 42 हजार रुपए बरामद हुए है। आरोपी अपने व्हाट्सएप व ट्रूकॉलर
का आइकन आदित्य बिरला कैपिटल का लगाकर रखते थे।
आरोपियो से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने कॉल सेंट्रर का स्थान
पुलिस से बचने के लिए बदलते रहते है।
आरोपियो ने पीडित प्रेंमचन्द के साथ धोखाधड़ी की वारदात को दिल्ली के
मोती नगर में तथा आरोपी अपूर्व सिंह के साथ गाजियाबाद के वैशाली में
अंजाम दिया था। आरोपी धोखाधडी के मामलों को करीब डेढ़ साल (18 महिने )से
अंजाम दे रहे है। जिसमें करीब 50-60 लाख रुपए का लेन देन कर चुके है।
पुलिस रिमांड पूरा होने के पश्चात आरोपियों को अदालत में पेश करके जेल
भेज दिया गया वहीं मामले में अभी जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य
आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
