मां के देहांत के 50 दिन पूरे होने पर पूर्व क्रिकेटर संजय भाटिया ने किया रक्तदान


फरीदाबाद। 
पृथ्वी पर मां को ईश्वर का रूप कहा जाता है क्योंकि दुनिया में इंसान मां के उपकारों को कभी नहीं भुला सकता, आज के युग में ऐसे भी लोग है, जो अपनी माताश्री के बताए हुए मार्ग पर चलकर मानवहित के कार्य कर रहे है। ऐसे ही शख्सों में से एक है पूर्व रणजी क्रिकेटर व आलोचक संजय भाटिया, जिन्होंने अपनी माता श्रीमती सुंदर कौर भाटिया जी के देहांत के बाद उनकी याद में आज 50 दिन पूरे होने पर रक्तदान किया। सूरजकुंड फरीदाबाद में सुप्रीम हॉस्पिटल के सौजन्य से लगाए इस शिविर में श्री भाटिया ने रक्तदान करके लोगों को भी इस नेक कार्य में बढ़चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। संजय भाटिया ने कहा कि जन्म के वक्त नाम नहीं होता है, मात्र सांसें होती है और मृत्यु के समय नाम होता है पर सांसें नहीं होती, इन्हीं सांसों और नाम के बीच की यात्रा को जीवन कहते है और इस जीवन को अच्छे कार्य में लगाना चाहिए। उनकी माता जी ने सदैव उन्हें समाजहित के कार्य करने के लिए प्रेरित किया, यही कारण है कि उनके जाने के बाद भी वह उनके आदर्शाे पर चलकर रक्तदान जैसा नेक कार्य कर रहे है।