रूस-यूक्रेन युद्ध से छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका

भारत सरकार से की पढ़ाई नियमित करवाने की व्यवस्था की मांग
फरीदाबाद। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ अपने घर लौटे छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। आगामी मई माह में इनकी परीक्षा होने वाली है, लेकिन फिलहाल यूक्रेन में हालात बद से बदत्तर होने के चलते छात्रों का भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा है। फरीदाबाद निवासी महेश कपूर की बेटी ईशिता कपूर ने बताया कि वह यूक्रेन की ओ.ओ. बोगोमोलेट यूनिवर्सिटी कीव से थर्ड ईयर एमबीबीएस कोर्स कर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते बड़ी मुश्किल से वह अपने घर लौटे। अब घर लौटने के बाद उनकी पढ़ाई अधर में लटक गई है क्योंकि मई माह में उनकी परीक्षा होनी है, लेकिन युद्ध चलने के चलते वह यूक्रेन लौट नहीं सकते और अब उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। समाजसेवी आनंद महेंद्र का कहना है कि ऐसे हालातों में छात्रों का यूक्रेन जाना संभव नहीं है इसलिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस मामले में संज्ञान लेते हुए यूक्रेन से लौटे छात्र-छत्राओं की पढ़ाई की व्यवस्था भारत में ही करनी चाहिए, ताकि ऐसे बच्चों का भविष्य अधर में न रहे क्योंकि इन बच्चों ने लाखों करोड़ों रूपए खर्च करके वहां पढ़ाई करने पहुंचे, लेकिन युद्ध के चलते उनकी पढ़ाई बेकार हो गई। भारत सरकार को इस मामले में जल्द ही सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।