Faridabad : जन अधिकार संघर्ष परिषद की मीटिंग फरीदाबाद में सोहनपाल नंबरदार के द्वारा आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने की संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्रह्म सिंह प्रजापति ने बताया कि हमारी संस्था उत्तराखंड उत्तर प्रदेश बिहार हरियाणा दिल्ली आदि राज्यों में सुचारू रूप से कार्य कर रही है और उन्होंने कहा की 25 नवंबर 2020 को हमारी संस्था ने निजी सचिव सड़क परिवहन राजमार्ग एवं पोत परिवहन मंत्री भारत सरकार को ज्ञापन दिया था कि डीजल व पेट्रोल वाहनों की मॉडल कंडीशन को समाप्त किया जाए और पूर्व निर्धारित 20 वर्ष मॉडल कंडीशन का प्रस्ताव पास करके शासनादेश जारी किया जाए उन्होंने कहा कि कृषि कानून मैं खाद्य भंडारण की सीमा तीन बटे सात समाप्त की बात जनविरोधी है जिसमें पूंजी पतियों को खदान स्टोर करने की खुली छूट देकर आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया है इस अवसर पर डॉ एमपी सिंह ने कहा कि कोरोना काल के चलते अधिकतर व्यापार खत्म हो गए हैं लोगों की नौकरी चली गई है लोग घर से बेघर हो गए हैं बच्चों के सिर से साया उठ गया है ऐसी स्थिति में अपना वाहन बदलना या नया वाहन खरीदना उनकी पहुंच से बाहर है इसलिए सरकार को संज्ञान लेना चाहिए की जिनके पास जो वाहन है उसी से अपनी रोजी-रोटी चलाएं और फिजिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट अवश्य वाहन में रखें यदि फिटनेस प्रक्रिया पर वाहन खरा नहीं उतरता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई करें डॉ एमपी सिंह देश के चिंतनशील व्यक्ति हैं इसलिए उन्होंने कहा कि सरकार को वही नियम लागू करना चाहिए जिससे आम जनता का फायदा हो सके बहुत ऐसे वाहन हैं जो घर से सिर्फ ऑफिस तक 10 -20 किलोमीटर ही प्रतिदिन चलते है और 10 साल में 25 – 30 हजार किलोमीटर भी नहीं चले होते हैं ऐसी स्थिति में उनको 15-20 हजार में काटने के लिए देना उचित नहीं है 10 साल में डीजल वाहन और 15 साल में पेट्रोल वाहन को सड़क पर ना चलने देने से सरकार के राजस्व में कमी आएगी और आम जनता पर भारी भरकम बोझ भी पड़ेगा जिसकी वजह से आम आदमी की तरफ से बद दुआएं निकलेंगे जिसका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष सभी को भुगतान करना पड़ेगा कोविड-19 जैसी महामारी के सामने सभी को नतमस्तक होना पड़ेगा यह सिर्फ इसीलिए है कि गरीब का शोषण हो रहा है और जंगल के जीव जंतु के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं डॉ एमपी सिंह ने कहा कि एनसीआर में परिवहन से संबंधित वाहनों पर मॉडल कंडीशन एनजीटी के अनुसार 2016-17 में लागू की गई थी लेकिन केंद्रीय परिवहन मंत्रालय द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट सितंबर 2019 में 15 साल का मॉडल कंडीशन निर्धारित किया गया था जो समस्त भारत के लिए है लेकिन एनसीआर क्षेत्र के अधिकारी गण व परिवहन मंत्रालय के एक्ट की अनुपालना मेकार्य न करके वाहन चालकों का उत्पीड़न कर रहे हैं जो कि राज्य सड़क परिवहन मंत्रालय के कानूनों का उल्लंघन है डॉ एमपी सिंह ने कहा कि प्रदूषण का जो मुख्य कारण है उस पर कार्य नहीं कर रहे हैं सड़के निकालकर पेड़ पौधों को काट रहे हैं यदि उन पेड़ पौधों को वहां से उखाड़ कर अन्य किसी जगह पर लगा दिया जाए तो उनकी छाया और फल हम सभी को मिलते रहेंगे जिससे जंगली जानवरों को शरण मिलती रहेगी और गरीब लोग भी उन पेड़ पौधों के नीचे अपनी भूख मिटाते रहेंगे और भरण पोषण करते रहेंगे डॉ एमपी सिंह ने कहा कि पहले जंगल हुआ करते थे तो बंदर शहरों की तरफ रुख नहीं करते थे आज बंदर भूखे प्यासे शहरों की तरफ रुख कर रहे हैं क्योंकि उनकी छत और उनका भोजन उनसे छीन लिया गया है सरकार को इन विषयों पर काम करने की जरूरत है और इन विषयों पर गंभीरता से काम करना चाहिए जंगलों को उजाड़ना नहीं चाहिए बल्कि उनको बसाना चाहिए और पेड़ पौधे काटने नहीं चाहिए बल्कि लगाने चाहिए इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष चौ बाबूराम कोषाध्यक्ष सोनपाल नंबरदार कार्यकर्ता जितेंद्र नरवत संरक्षक सेवानिवृत्त पीएफ के कमिश्नर पी एल टूम तथा राजबाला आर्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे
