पावटा ग्राम पंचायत में आयोजित जल पंचायत एवं जन संपर्क कार्यक्रम में ग्रामीणों को दी जल संरक्षण की जानकारी
फरीदाबाद, 29 सितंबर। अटल भुजल योजना एवं केन्द्रीय भूजल बोर्ड फरीदाबाद की ओर से पावटा गांव में 29 सितंबर को ग्राम पंचायत स्तरीय जल पंचायत एवं जन संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजीव बत्रा, अधीक्षक अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, फरीदाबाद के साथ गजेंद्र राय (वैज्ञानिक), केंद्रीय भूजल बोर्ड, चंडीगढ़; डॉ. दीपांकर साहा चेयर प्रोफेसर सी ए डब्ल्यू टी एम और डॉ निधि डिडवानिया, मानव रचना विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर जैव-प्रौद्योगिकी विभाग, भूजल विशेषज्ञ प्रमोद कुशवाहा और आई ई सी विशेषज्ञ आतिश एक्का (सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग)। जल पंचायत को अटल भुजल योजना के DIP समूह डॉ अरुणांग्शु मुखर्जी द्वारा सुगम बनाया गया था। कार्यक्रम में भूजल के सतत उपयोग पर विशेष बल दिया गया। डॉ. साहा ने कहा कि हमारे भविष्य की कुंजी-क्षेत्र में भूजल को संरक्षित करना है। उन्होंने हमारे कृषि क्षेत्रों में भूजल के अत्यधिक दोहन के प्रभाव को अवगत कराया। भूजल स्तर में कमी की वजह से बढ़ती हुई बोरेवेल की गहराई के कारण जिसका परिणाम पानी का खारापन बढ़ रहा है, हमारे क्षेत्र में भूजल का अधिक उपयोग किया गया है, जिसे गजेंद्र राय ने साझा किया है।
राजीव बत्रा ने सूक्ष्म सिंचाई के उपयोग के साथ-साथ उन फसलों में विविधता लाने पर प्रकाश डाला, जिनमें भूजल की कमी को कम करने के लिए कम पानी की आवश्यकता होगी। समारोह में पानी की अनावश्यक बर्बादी और इसके अनुचित उपयोग पर भी चर्चा की गई, जिसके कारण शपथ ग्रहण समारोह में इसके उचित उपयोग और पानी का कुशलतापूर्वक उपयोग करने पर चर्चा हुई। स्थायी भूजल प्रबंधन पर आधारित स्कूलों में पहले ड्राइंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसी कार्यक्रम में परिणाम घोषणा और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया।
