75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर संत निरंकारी मिशन द्वारा ‘(Oneness-Van)’ परियोजना का शुभारम्भ किया गया

दिल्ली  : भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर संत निरंकारी मिशन द्वारा ’अर्बन ट्री क्लस्टर’ अभियान का शुभारम्भ किया गया ।
’वननेस-वन’ ष्;व्दमदमेे.टंदद्धष् नाम की इस परियोजना को सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से सम्पूर्ण भारत में 22 राज्यों के 280 शहरों में चयनित लगभग 350 स्थानों पर आयोजित किया जा रहा है। जिसमें लगभग 1,50,000 वृक्षों का रोपण किया गया । भविष्य में इसकी संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। इस परियोजना के अर्न्तगत आज फरीदाबाद में भी एन0आई0ी0-5 स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन एवं आर्य समाज मंदिर एन0आई0टी-4 के सामने मैदान में वृक्षारोपण किया गया । जिसमें संत निरंकारी सेवादल के सदस्यों ने योगदान दिया । इस महाअभियान में संत निरंकारी मिशन के सेवादारों एवं श्रद्धालुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी । इस मुहिम में संत निरंकारी मिशन के अतिरिक्त केन्द्र व राज्य सरकार , स्थानीय प्रशासन, शैक्षणिक संस्थान एवं आर.डब्लयू.ए. आदि के लोग भी सम्मिलित होंगें ।
इस अभियान का शुभारम्भ करते हुए सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि – प्राण वायु जो हमें इन वृक्षों से प्राप्त होती है धरती पर इसका संतुलन बनाने के लिए हमें स्थान स्थान पर वनों का निर्माण करना आवश्यक है। जिससे कि अधिक मात्रा में आक्सीजन का निर्माण होगा और उतनी ही शुद्ध वायु प्राप्त होगी । जिस प्रकार ’वननेस वन’ का स्वरूप अनेकता में एकता का दृश्य प्रस्तुत करता है उसी प्रकार मानव को भी समस्त भेदभावों को भुलाकर शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के भाव में रहकर संसार को निखारते चले जाना है।
माता सुदीक्षा जी ने ॅवतसक ैमदपवत ब्पजप्रमदष्े क्ंल का जिक्र करते हुए उदाहरण दिया दिया कि जिस प्रकार बड़े, बुर्जुगों का आशीष हमारे लिए अनिवार्य है उसी प्रकार से वृक्ष भी हमारे जीवन के लिए अत्यधिक महत्चपूर्ण है।
’वननेस वन’ नाम की इस परियोजना के अन्तर्गत संपूर्ण भारत के भिन्न भिन्न स्थानों पर वृक्षों के समूह ;ज्तमम ब्सनेजमतेद्ध लगाये जायेंगें । जिनकी अधिक संख्या के प्रभाव से आसपास का वातावरण प्रदूषित होने से बचेगा और स्थानीय तापमान भी नियंत्रित रहेगा । सभी वृक्षों को स्थानीय जलवायु एवं भौगोलिक परिवेश के अनुसार ही रोपा जायेगा । संत निरंकारी मिशन के सेवादार वृक्षों को लगाने के उपरान्त तीन वर्षो तक निरंत उनकी देखभाल भी करेंगें । इसमें वृक्षों की सुरक्षा, खाद एवं जल की सुचारू रूप से व्यवस्था करना सम्मिलित है।
आज जब पृथ्वी ग्लोब वॉर्मिंग की समस्या से जूझ रही है, तो ऐसे समय में वृक्षारोपण का महत्व औ अधिक बढ़ गया है। वर्ष 2020 से कोरोना संकट ने हम सभी को प्रकृति की अमूल्य देन, प्राण वायु अर्थात आक्सीजन के महत्व को समझा दिया है। साथ ही इसकी कमी से उत्पन्न होने वाले सभी दुष्प्रभावों से हमें भली भांति अवगत भी करा दिया है। ज्ञात रहे कि मनुष्य का जीवन जिस प्राण वायु पर आधारित है वह हमें इन वृक्षों के माध्यम द्वारा ही प्राप्त होती है।
यह सर्व विदित है कि संत निरंकारी मिशन एक विश्व स्तरीय आध्यात्मिक मंच है सभी में ईश्वर निराकार की उपस्थिति के आधार पर प्रेम, सहिष्णुता एवं एकता में सद्भाव विचारधारा में विश्वास रखता है। मिशन द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए लगातार कार्य किया जा रहे हैं। समय-समय पर देशीार में वृक्षारोपण एवं उनका संरक्षण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक का उपयोग न करने जैसे अभियानों की पहल की गई है।
इसके अतिरिक्त संत निरंकारी मिशन सदैव ही मानवता की सेवा में सर्वोपति कोरोना महामारी के दौरान सवंमित मरीजों के उपचार हेतु मिशन द्वारा देशभर के सत्संग भवनों को ’कोविड केय सेंटर’ के रूप में परिवर्तित कके, सरकार को उपलब्ध कराया गया । जिनमें मरीजों के खाने पीने की उचित प्रबन्ध व्यवस्था मिशन द्वारा एवं मेडिकल सुविधाएं जैसे डॉक्टर, नर्स, मेडिकल क्युपमेंट, दवाईयां इत्यादि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई । इसी श्रृंखला में दिली के बुराड़ रोड़ स्थित गं्रांउड नं0 8 में 1000 बेड के कोविड केयर सेंटर का निर्माण किया गया । इसके अतिरिक्त पंचकुला, पुणे, पानीपत, यमुनानगर, उद्यमपुर, मुम्बई इत्यादि सत्संग भवनों को पूरी सुविधा के साथ पहले ही ’कोविड केयर सेंटर’ के रूप में सरकार को प्रदान किया जा चुका है।
इसके साथ ही कोरोना की दूसरी लहर की विषम परिस्थिति में ऑक्सीजन की कमी होने पर मानवता की भलाई हेतु सरकार को सहयोग के लिए संत निरंकारी मिशन द्वारा 1000 से अधिक ऑक्सीजन कांल्सट्रेटर देश के विभिन्न राज्यों को प्रदान किये गये। यह सभी सेवाएं निरंतर जारी है।
संत निरंकारी मिशन एवं ’गिव मी ट्री’ संस्था के सहयोग द्वारा इतने बड़े स्तर पर ’पर्यावरण संरक्षण’ की नींव रखी जा रही है। ’गिव मी ट्री संस्था द्वारा पिछले 44 वर्षो में 3.25 करोड़ से अधिक वृक्षों को लगाया गया ।
संत निरंकारी मिशन एवं ’गिव मी ट्री’ संस्था का सहयोगात्मक प्रयास राष्ट्र को ’पर्यावरण संरक्षण’ के उद्ेश्य क पूूर्ति हेतु एक नया आयाम स्थापित करने में सहायता प्रदान करेगा ।
संत निरंकारी मिशन द्वारा प्रतिवर्ष 15 अगस्त को मुक्ति एवं दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष भी यह पर्व पूर्व की भांति वर्चुअल रूप में आयोजित किया गया । ऐ ओर सदियों की पराधीनता से मुक्त कराने वाले भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को इस दिन स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया जाता है। वहीं दूसरी और जन-जन की आत्मी की मुक्ति की मार्ग प्रशस्त करने वाली दिव्य विभूूतियाँ जैसे शहरशाह बाबा अवतार सिंह जी, जगत माता बुद्धवन्ती जी, निरंकारी राजमाता कुलवंत कौर जी, सत्गुरू माता सविंदर हरदेव जी तथा अनेक ऐसे भक्तों को ’मुक्ति पूर्व’ के रूप में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा ली जाती है।
निरंकारी संत समागम का विश्वभर में रह रहे लाखों प्रभु प्रेमियों को बेसबरी से इंतजार रहता है कि कब वह वार्षिक संत समागम में सम्मिलित होकर सत्गुरू के आशीर्वाद से स्वयं केो निहाल करेंगें आर उनकी रहमतों के पात्र बनेंगें, साथ ही विश्वभर से सम्मिलित हुए कवि, गीतकार एवं वक्ताओं के मधुर वचों का श्रवण भी करेंगें। भक्तों के इसी उत्साह को देखते हुए सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज द्वारा इस वर्ष 74वें अंतराष्ट्रीय निरंकारी संत समागम की तिथ्यिां 27, 28 एवं 29 नवम्बर 2021 सुनिश्चित की गई है। सभी प्रभु प्रेमी समागम में आपसी मिलवर्तन की भावना से युक्त होकर स्वयं को इस निराकार से जोड़कर संसार के लिए एक उदाहरण बनेंगें कि कैसे प्रभु की रजा में रहकर आनंद की अवस्था प्राप्त की जाती है।