परिजनों ने फोन चलाने से रोका तो नाबालिग घर से भागी

पुलिस ने लडक़ी को ढूंढकर किय परिजनों के हवाले
फरीदाबाद, 10 जुलाई । छोटी-छोटी बातों को लेकर बच्चों का घर छोडक़र चले जाना आजकल एक आम बात हो गई है। बच्चे ने अपने वर्तमान की चिंता करते हैं ना अपने भविष्य की तरफ झांकते हैं। थक हारकर अंत में पुलिस को ही इन्हें समझा-बुझाकर वापस लाना पड़ता है। कल शाम सारन थाना में एक व्यक्ति ने आकर यह सूचना दी कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री घर से बिना बताये कहीं चली गई है। पुलिस ने लडक़ी के पिता से किसी पर शक होने के बारे में पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। सारन थानाध्यक्ष ने टीम गठित कर निर्देश देते हुए लडक़ी को ढूँढने का प्रयास शुरू किया। पुलिस टीम ने गुप्त सूत्रों व तकनीकी के आधार पर पूरा इलाका छान मारा। तभी किसी ने पुलिस को लडक़ी के सेक्टर 22 रोड की ओर जाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और दुकानदारों व रेहड़ी-पटरी वालों से लडक़ी के बारे में जानकारी एकत्र करना शुरू किया और इसी जानकारी के आधार पर गुमशुदा लडक़ी को सेक्टर 22 रोड से सकुशल बरामद कर लिया गया। बरामद लडक़ी को पुलिस सारन थाना ले आई और लडक़ी के परिवार वालों को भी थाने पर बुला लिया गया। लडक़ी के परिजनों के सामने पुलिस ने उससे बिना बताये घर से जाने का कारण जानना चाहा तो लडक़ी ने बताया कि उसके अभिभावक उसकी भावनाओं का सम्मान नही करते हैं और उसकी मां उसे मोबाइल का प्रयोग नहीं करने देती तथा सारा दिन उसके घर का काम करवाती रहती है। इसी बात से वह नाराज होकर घर से चली गई थी। पुलिस ने विधि-सम्मत प्रक्रिया पूरी करते हुए लडक़ी को उसके परिजनों को सौंपते हुए कहा कि आजकल के बच्चे हँसी-मजाक में कही हुई बात का भी बुरा मान लेते हैं और अनुचित कदम उठा लेते हैं। अभिभावकों को उनके बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान रखकर भावनाओं को समझते हुए ही व्यवहार करना चाहिए। अपनी पुत्री को सकुशल वापस पाते हुए उनके परिजनों ने सारन थाना की पुलिस को धन्यवाद कहा और फरीदाबाद पुलिस का हृदय से आभार जताया।