भाजपा फऱीदाबाद ने लोकतंत्र की हत्या कर लगाए गए आपातकाल के विरोध में मनाया काला दिवस
फऱीदाबाद 26 जून । हरियाणा के पूर्व शिक्षा मंत्री पं. रामबिलास शर्मा ने कांग्रेस द्वारा लोकतन्त्र की हत्या कर 1975 में लगाए गए आपातकाल के लिए कांग्रेस पार्टी की घोर भत्र्सना करते हुए कहा कि 12 जून 1975 को इंदिरा गांधी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोषी पाया और छह साल के लिए पद से बेदखल कर दिया।लेकिन इंदिरा गांधी ने कोर्ट का फ़ैसला नहीं माना ढ्ढ अलोकतांत्रिक तरीक़े से 25 जून 1975 तत्कालीन राष्ट्रपति फख़़रुद्दीन अली अहमद ने इन्दिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के अधीन आपातकाल की घोषणा कर दी। स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र और राजनीति के इतिहास का यह एक बेहद दु:खद और काला अध्याय और अलोकतांत्रिक काल था। पूर्व शिक्षा मंत्री शनिवार को फरीदाबाद के सेक्टर-11 स्थित मिलन वाटिका में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा के नेतृत्व में भाजपा द्वारा मनाए गए आपातकाल विरोध काला दिवस कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस द्वारा देश को आपातकाल का जो जख्म दिया था उसका विवरण कार्यकर्ताओं से साँझा किया। उन्होंने कहा कि नाहड सत्याग्रह जत्थे से उनको अन्य 7 देशभक्त कार्यकर्ताओं के साथ जेल में डालकर यातनाएँ दी गई थी । आपातकाल के दौरान यह सभी 19 महीने कारागार में रहे। पूर्व शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता प्रांत सम्पर्क प्रमुख गंगाशंकर मिश्र, फऱीदाबाद महानगर पश्चिम के संघचालक संजय अरोड़ा, लघु उद्योग भारती के ज़िला अध्यक्ष रवि भूषण खत्री ने आपातकाल के इस दर्द को स्वयं झेला था। जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने आपातकाल के समय में यातनाएं सहने वाले इन सभी लोकतन्त्र के रक्षकों का सम्मान किया। पूर्व शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि इंदिरा गांधी के तानाशाही रवैए के खिलाफ आवाज उठाने वाले जनसंघ के हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी, कुशाभाई ठाकरे, लाल कृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस, नानाजी देशमुख, अरुण जेटली और हमारे मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को इंदिरा गांधी ने जेल में डलवा दिया था, जेल में उनको यातनाएँ देकर प्रताडि़त किया गया। हालांकि, आपातकाल के विरोध में आवाज बुलंद करने वालें राष्ट्रभक्त नेताओं के हौसले बचे हुए थे और उन सभी नेताओं के पुरुषार्थ के कारण 21 महीने के बाद 21 मार्च 1977 को देश से आपातकाल के क्रूर काल का अंत हुआ ढ्ढ इन सभी नेताओं के कठिन परिश्रम और ओजस्वी नेतृत्व से देश की जनता ने इंदिरा गांधी को नकारते हुए सत्ता से बेदखल कर दिया और कांग्रेस को सत्ता से उखाड़ फेंका। बैठक में प्रदेश भाजपा अनुशासन समिति की अध्यक्षा नीरा तोमर, प्रदेश सचिव रेणु भाटिया, विधायक सीमा त्रिखा, नरेन्द्र गुप्ता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सोहनपाल सिंह, ओमप्रकाश रेक्षवाल, ज़िला महामंत्री मूलचंद मित्तल, आर एन सिंह,प्रदेश सह प्रवक्ता बिजेंद्र नेहरा, जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष व मंडल महामंत्री, मोर्चों के जिला पदाधिकारी और मीडिया व सोशल मीडिया के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
