28 अप्रैल से शुरू की गई योजना 30 जून 2021 तक रहेगी लागू
फरीदाबाद। हरियाणा राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड के संपदा अधिकारी विकास चौधरी ने बताया कि एच.एस.आई.आई.डी.सी. द्वारा अपने औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों के लिए ‘‘विवादों का समाधान’’ योजना की शुरूआत की गई है। यह योजना 28 अप्रैल 2021 से शुरू की गई योजना 30 जून 2021 तक लागू रहेगी। श्री चौधरी ने बताया कि इस योजना के तहत जो उद्योगपति अपने प्लांट का मूल्य या प्लॉट पर देय ऐन्हान्समैंट को समय पर देने में चूक गये थे तथा उन पर ब्याज व दंडात्मक ब्याज लग रहा था, वो उद्योगपति अगर 30 जून 2021 तक, एक बार में जमा करते हैं तो उनके ब्याज का 25 प्रतिशत व दंडात्मक ब्याज को पूर्णतया: माफ कर दिया जायेगा। श्री चौधरी ने बताया कि यह योजना रखरखाव शुल्क पर भी लागू होगी। जिन उद्योगपतियों ने कई वर्षों से रखरखाव शुल्क नहीं दिया है तथा जिन पर ब्याज व दंडात्मक ब्याज देय है, वो भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि योजना का लाभ आबंटियों द्वारा किया जाता है तो अतिरिक्त कीमत की मांग से संबंधित सभी विवादों और मुकदमों का निपटारा हो जायेगा। उन्होंने बताया कि काफी औद्योगिक प्लॉट आबंटी हैं जिन्होंने बकाया राशि जमा नहीं करवाई है और एच.एस.आई.आई.डी.सी. पर कई मुकदमें भी किये हैं। उन्होंने बताया कि सभी उद्योगपतियों को फोन करके, व्हाट्सअप करके तथा ई-मेल द्वारा सूचित कर दिया गया है व उन्हें पत्र भी लिखे जा रहे हैं ताकि उन्हें समय पर सूचित किया जा सके। संपदा अधिकारी विकास चौधरी ने बताया कि यह योजना 30 जून तक चालू रहेगी। यह केवल उन आबंटियों पर लागू होगी जिनकी बकाया राशि अतिरिक्त मूल्य, ब्याज, विलंबित ब्याज के अन्तर्गत आती है। यह योजना स्वैच्छिक और वैकल्पिक है जो आबंटी के ऊपर निर्भर है। योजना का लाभ लेने की क्या-क्या रहेंगी योग्यता- एच.एस.आई.आई.डी.सी. फरीदाबाद के संपदा अधिकारी विकास चौधरी ने बताया कि ‘‘विवादों का समाधान’’ का लाभ केवल उन आबंटियों को दिया जायेगा जो वर्तमान में प्लॉट की कीमत, अतिरिक्त कीमत के भुगतान में डिफाल्टर हैं या रख-रखाव शुल्क में डिफाल्टर हैं। उन्होंने बताया कि यह योजना सिर्फ एच.एस.आई.आई.डी.सी. द्वारा आबंटित प्लॉटों पर ही उपलब्ध हैं। आबंटियों को विभाग की वैबसाईट पर जाकर ‘‘विवादों का समाधान’’ स्कीम के तहत भुगतान करना है। योजना के लाभ- एच.एस.आई.आई.डी.सी. फरीदाबाद के संपदा अधिकारी विकास चौधरी ने बताया कि यह योजना आबंटियों के हितों की रक्षा करेगी व आबंटियों को ब्याज में 25 प्रतिशत व दंडात्मक ब्याज को माफ करके ब्याज व दंडात्मक ब्याज से संबंधित व लंबित विवादों का निपटारा करेगी। उन्होंने बताया कि यह स्कीम सार्वजनिक हित के लिए शुरू की गई है। इससे मुकदमों का कम करने में मदद मिलेगी। इस प्रकार एच.एस.आई.आई.डी.सी. के साथ-साथ आबंटियों के कानूनी लागतों की भी बचत होगी। उन्होंने बताया कि यह स्कीम आबंटियों को अतिरिक्त कीमत के साथ-साथ लंबित बकाया राशि का भुगतान करने के लिए भी सहायता करेगी व रिकवरी की प्रक्रिया को आसान बनायेगी।
