स्ट्रेस से दूर रह कर दें कोरोना को मात, – कोरोना मरीज दैनिक दिनचर्या में योग-व्यायाम को करें शामिल 

फरीदाबाद, 9 मई। कोरोना म‌हामारी की दूसरी लहर में लोगों की जान ही नहीं जा रही, बल्‍क‍ि इसकी वजह से कई तरह की मानसिक बीमारियां भी हो रही है। जिनसे कोरोना के मरीज जूझ रहे हैं। न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार स्‍ट्रेस, ड‍िप्रेशन और कई तरह के फोब‍िया के साथ अब एक नई रिसर्च में खुलासा हुआ है कि इसकी वजह से कोविड सोम्‍निया हो रहा है। नीलम चौक स्थित एस्कोर्ट फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग डायरेक्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी से घबराएं नहीं और न किसी प्रकार की चिंता न करें। व्यायाम और योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। इससे तनाव कम होगा।

शहर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि कोविड सोम्मिया नींद नहीं आने की बीमारी है। वैसे नींद नहीं आने की बीमारी को इन्‍सोमेनिया कहा जाता है, क्योंकि अब यह कोविड की वजह से हो रहा है। इसलिए इसे कोवि‍ड सोम्‍निया कहा जा रहा है। कोरोना महामारी शुरू होने के बाद से दुनियाभर में यह देखने को मिला है कि लोग ठीक से सो नहीं पा रहे। उन्हें नींद से जुड़ी एक या उससे अधिक प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं में इस तरह की समस्या और ज्यादा देखी गई है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे कोरोना वायरस से संक्रमित होने का भय, परिवार के सदस्यों और करीबियों के स्वास्थ्य की चिंता है। कोरोना के कारण तनाव बढ़ रहा है। इसी तनाव के चलते लोग इंसोम्निया (नींद न आना या टूट जाना) के शिकार हो रहे हैं। इससे बचाव के लिए अच्छी नींद लें, क्योंकि रात में देर तक जागने से हमारी इम्युनिटी कम होने लगती है। बच्चों को कम से कम नौ घंटे नींद लेनी चाहिए। मानसिक रूप से स्वस्थ रहें, तनाव से दूर रहकर खानपान से शरीर की इम्युनिटी बढ़ाएं।

बीमारी के लक्षण
नींद न आना या बार-बार टूटना। दिन के समय थकान महसूस होना या नींद आना। सोते वक्त बार-बार उठना। या देर से सोने के बाद भी जल्दी नींद खुल जाना जैसे लक्षण कोविडसोम्निया के हैं।

बचाव
इसके इलाज के खुद ही अपने ऊपर ध्‍यान दें। अपनी आदतों को बदलें। दोपहर में कैफीन न लें। यह नींद को प्रभावित करती है। सोने से पहले मोबाइल से बचें। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, मोबाइल, टीवी, कम्प्यूटर की ब्लू स्क्रीन हार्मोन मेलाटोनिन की मात्रा को कम करती है। पलकों का झपकना भी कम होता है।

ये लें डाइट
-कोरोना के मरीजों के लिए घर पर ताजा और सादा भोजन बना होना चाहिए।
-कोरोना के मरीज मौसमी, नारंगी और संतरा जैसे ताजे फल और बीन्स, दाल जैसे प्रोटीन से भरपूर आहार अपनी डाइट में शामिल करें। -कोरोना के मरीजों का खाना कम कॉलेस्ट्रॉल वाले तेल में पकाना चाहिए।
-कोरोना के मरीजों को मैदा, तला हुआ भोजन या जंक फूड नहीं खाना चाहिए।