किसानों पर हुए लाठीचार्ज व बिजली बिल के नाम पर हो रही मनमानी वसूली के खिलाफ कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
फरीदाबाद। रोहतक में किसानों पर हुई लाठीचार्ज व बिजली बिलों के नाम पर हो रही वसूली के खिलाफ जिले के कांग्रेसियों ने बुधवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों के विरोध प्रदर्शन को लेकर पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई पूर्व विधायक रघुवीर सिंह तेवतिया व विधायक नीरज शर्मा ने की, जबकि इस मौके पर मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन कुमार सिंगला, विजय प्रताप सिंह, पंडित योगेश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता सुमित गौड़, योगेश ढींगड़ा, ओबीसी सैल के प्रदेश चेयरमैन ललित भड़ाना, राष्ट्रीय महासचिव किसान कांग्रेस राकेश भड़ाना, सुभाष कौशिक, नीरज गुप्ता, महिला जिलाध्यक्ष सुनीता फागना, गजना लाम्बा, अनीशपाल, संजय सोलंकी, राजेश आर्य, विकास फागना सहित अनेकों कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस मौके पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेसियों ने कहा कि देश का अन्नदाता मोदी सरकार के कृषि विरोधी तीन काले कानूनों को रद्द करवाने के लिए पिछले 4 महीनों से भी ज्यादा समय से हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर शांतिपूर्ण तरीके से लगातार आंदोलन कर रहा है। इस आंदोलन में अब तक 300 से किसान शहीद हो चुके हैं परंतु यह बड़े ही खेद की बात है कि मोदी सरकार अपने पूंजीपति साथियों के इशारे पर देश के अन्नदाता की जायज मांगों को मानने को तैयार नहीं है। हरियाणा के मुख्यमंत्री के रोहतक आगमन पर जब किसान शांतिपूर्वक विरोध जता रहे थे तो पुलिस प्रशासन ने उन पर बर्बरता पूर्ण तरीके से लाठीचार्ज किया, जो कि पूरी तरह से निंदनीय है क्योंकि लोकतंत्र में हर मनुष्य को अपनी बात रखने का हक है इस तरह किसी की आवाज दबाना तानाशाही होती है। उन्होंने कहा कि बिजली बिलों में अग्रिम खपत जमा (एसीडी) के नाम पर भारी भरकम राशि जोडक़र भेजे जाने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है जोकि इस कोरोनाकाल में एक अभिशाप साबित हो रहा है। एक ओर लोग कोरोना महामारी में आर्थिक रूप से तंगी का सामना कर रहे हैं, दूसरी ओर हरियाणा सरकार एसीडी के नाम पर भारी-भरकम बिल भेज रही है। उन्होंने महामहिम राज्यपाल से मांग की कि वह ज्ञापन में अंकित मांगों को पूरा करके आम आदमी को राहत देने का काम करें।
