मानवीय गुणों को अपनाने से इंसान,आम से खास बन जाता है -डॉ एमपी सिंह
सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद/7 नवंबर 2024
देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफेसर एमपी सिंह ने जे सी बोस यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में ह्यूमन वैल्यूज एंड एथिक्स पर एक्सपर्ट विचार रखते हुए कहा कि जीवन मेंसफलता काआधार मानव मूल्य हैं मानव मूल्यों को विकसित करने की भावना जिसमें आ जाती हैं वह सफल हो जाता हैं। यह विकल्प चयन करना सबके बसकी बात नहीं है वैसे तो सभी स्वतन्त्र है जो चाहे वह अपना सकते हैं। लेकिन मानव मूल्यों को अपनाने के बाद कोई भी महान व सर्वोपरि बन सकता है। सत्य अहिंसा सादगी सरलता सहजता शालीनता उदारता करुणा दया ईमानदारी वफादारी प्रतिबद्धता ब्रह्मचर्य मानव मूल्यों में शामिल हैं। पहले के लोगो में मानवीय गुण निहित थे इसलिए भारत को विश्व गुरु का दर्जा प्राप्त था।अब मानवीय गुणों में कमी आ गई है इसलिए मानव मूल्यों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
मानव मूल्य जीवन भर सीखने और अनुभवों से मिलने वाले निर्देश होते हैं जो जीवन को दिशा देते हैं। मानव मूल्य जीवन में सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। मानव मूल्य व्यक्ति के व्यक्तित्व को सुधारने में मदद करते हैं और सामाजिक सांस्कृतिक पहलुओं को प्रभावित करते हैं। मानव मूल्य सामाजिक सरोकार बढ़ाते हैं और सामाजिक बुराइयों को दूर करने में मदद करते हैं। मानव मूल्य व्यक्तियों की बुनियादी इच्छाओं को पूर्ण करने में मदद करते हैं। मानव मूल्य व्यक्ति के द्रष्टिकोण को प्रभावित करते हैं और दूसरों के व्यवहार का मूल्यांकन करने में मदद करते हैं। मानव मूल्य व्यक्ति के व्यक्तित्व, सामाजिक छवि और मन की शान्ति को बढ़ाते हैं। मानव मूल्य व्यक्ति को किसी स्थिति में सही निर्णय लेने के लिए बाध्य करते हैं जिससे लोकप्रियता बढ़ जाती है और वह परिपक्व हो जाता है मानवीय गुणों को धारण करने वाले न्यायोचित और वांछित होते हैं। वह प्राथमिकताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं अच्छा व्यक्ति अच्छे गुणों और विचारों का चयन करते हैं। परिपूर्णता, प्रतिबद्धता, सत्यनिष्ठा, कर्तव्यपरायणता, सन्तुष्टि, सहानुभूति और शान्ति उनके आभूषण होते हैं। मानव मूल्यों से वस्तुओं के महत्व को आसानी से समझा जा सकता है।
इस मौके पर प्रोफेसर मुनीश वशिष्ठ, डॉ हरीश, डॉ अश्लेशा, डॉ पियूष गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
डॉ एमपी सिंह, सभी विद्यार्थियों और प्रोफेसरों से उक्त गुणों को अपनाने की अपील की ताकि विश्वविद्यालय में अनुशासन और शान्ति बनी रहे।
