श्री धार्मिक लीला कमेटी के मंच राम ने लिया जन्म – हरीश चन्द्र आज़ाद

श्री धार्मिक लीला कमेटी के मंच राम ने लिया जन्म – हरीश चन्द्र आज़ाद

सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद।

श्री धार्मिक लीला कमेटी के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि कल रात रामजन्म हुआ। सबसे पहले गणेश वंदना की गई उसके बाद पूर्व मंत्री ए सी चौधरी ने रिबन काटकर रामलीला का शुभआरम्भ किया। रामलीला के मंच पर फरीदाबाद की किकबॉक्सिंग बेटियाँ मोनल व नीरल कुकरेजा को पूर्व मंत्री ए सी चौधरी ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। प्रधान तेजिन्द्र खरबंदा व उप प्रधान सतीश नागपाल ने ए सी चौधरी को स्मृति ंचन्ह देकर सम्मानित किया।

सबसे पहले दृश्य में राजा दशरथ अपने दरबार में उदास व दुखी होते हुए गुरू वशिष्ठ को संतान न होने का दर्द बताते हैं और गुरू वशिष्ठ के कहने पर पुत्रश्रेष्ट यज्ञ करवाते हैं जिससे अशरथ के यहाँ 4 पुत्र जन्म लेते हैं जिनके नाम राम, लक्ष्मन, भरत व शत्रुघ्र रखे जाते हैं। दशरथ के किरदार में पंकज खरबंदा व वशिष्ठ के किरदार में संचित ने अपने अभिनय का जादू बिखेरा।

उसके बाद गुरू विश्वामित्र का मारीच व सुबाहु यज्ञ भंग करते हैं जिससे क्रोधित होकर विश्वामित्र राजा दशरथ से सहायता माँगते हैं और छोटे राम व लक्ष्मन को लेकर वनों में जाते हैं जहाँ श्री राम के हाथों मारीच की माता ताडक़ा का वध हो जाता है तथा मारीच राम के तीखे बाणों से डरकर भग जाता है। विश्वामित्र के अभिनय में अमित नागपाल ने अपने अभिनय से दर्शकों की तालियाँ बटोरी तो छोटे राम काव्य खरबंदा व छोटे लक्ष्मन पारस खरबंदा ने अपने मासूम से चेहरे से दर्शकों का दिल जीता। वहीं आज के सबसे भयानक दृश्य ताडक़ा का दर्शकों के बीच से बच्चों को उठाना व उनको डराना दर्शकों को आन्नदित कर गया तो मारीच के किरदार में विदांश खरबंदा व सुबाहु के किरदार में हार्दिक बत्तरा ने अपनी कला दिखाई।

निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि हम दर्शकों से वाहटसअप द्वारा दो बेहरीन कलाकारों का नाम पूछते हैं और रोजाना उन कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित करते हैं तो कल दर्शकों की वोटिगं द्वारा प्रथम पुरस्कार विश्वामित्र के किरदार अमित नागपाल को मिला तो दूसरा पुरस्कार दशरथ बने पंकज खरबंदा ने जीता।