श्री धार्मिक लीला कमेटी के मंच पर लक्ष्मन मुर्छित हुआ-हरीश चन्द्र आज़ाद

एलईडी स्क्रीन पर हनुमान उड़ते हुए दिखाये गये जिसकी शूटींग दिल्ली के स्टूडीयो में की गई थी

फरीदाबाद। श्री धार्मिक लीला कमेटी 5 नम्बर एम ब्लाक फरीदाबाद के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि कल रामलीला में अंगद-रावण संवाद, मेघनाथ-लक्ष्मन युद्ध, लक्ष्मन मुर्छित व हनुमान का पहाड़ ऊठाकर लाना दिखाया गया। आज का मुख्य आकर्षण एलईडी स्क्रीन पर हनुमान उड़ते हुए दिखाये गये जिसकी शूटींग दिल्ली के स्टूडीयो में की गई थी।

पहले दृश्य में अंगद व रावण संवाद हुए और अंगद ने पाँव जमाया जिसको निकुम्भ, मेघनाथ व कुम्भकरण जैसे महाबलि हिला तक न सके तब रावण पाँव ऊठाने आता है तो अंगद पाँव हटाकर कहता है पाँव छूने से मेरे, न हरगिज़ मुक्ति पायेगा, पाँव छू ले श्रीराम के , जो चाहेगा मिल जायेगा और अंगद युद्ध का ऐलान करके चला जाता है। अंगद के किरदार में पंकज खरबंदा, रावण बने तजिन्द्र खरबंदा, कुम्भकरण का अभिनय कर रहे दीपक नागपाल, मेघनाथ का रोल कर रहे परवीन बत्तरा, निकुम्भ बने हार्दिक बत्तरा व विभिषण बने रमन ने अपनी अदभुत कला पेश करते हुए शानदार अभिनय किया।

अगले दृश्य में लक्ष्मन व मेघनाथ का भयंकर युद्ध होता तो घबराकर मेघनाथ लक्ष्मन पर शक्ति बाण चला देता है जिससे लक्ष्मन मुर्छित हो जाता है तब हनुमान लक्ष्मन को लेकर राम के पास जाता है। लक्ष्मन को मुर्छित देख राम बहुत विलाप करते हैं फिर हनुमान ऋृंगीऋषि के कहने पर संजीवनी बूटी का पहाड़ ऊठाकर लाते हैं जिससे लक्ष्मन मूर्छा से ऊठ जाता है।