फरीदाबाद में आयोजित गोष्ठी में विभिन्न शहरों के नेत्र विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार
फरीदाबाद। फरीदाबाद नेत्र विशेषज्ञों के संस्थान (एफओएस) के तत्वाधान में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का उद्देश्य आयु बढऩे के साथ आंखों के पर्दे की कमजोरी की जटिल समस्या के निदान व उपचार में नए अनुसंधानों पर गहन विचार विमर्श और नई खोजों का आदान-प्रदान था। उत्तर भारत और पश्चिमी भारत से अनेक जाने माने नेत्र विशेषज्ञों ने इस समस्या पर चर्चा की।
गोष्ठी में नई दिल्ली स्थित राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र के प्रमुख डा. जीवन सिंह तितियाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और आंखों के विशेष प्रकार के कृत्रिम लेंसों (आईओएल) के प्रयोग के बारे में प्रकाश डाला। डा. विनोद कुमार वरिष्ठ रेटिना स्पेशलिस्ट जो डा. तितियाल के सहयोगी हैं, ने इस समस्या, जिसे एआरएमडी एज रिलेटिट मक्यूलर डीजनेरशन के नाम से जाना जाता है, के निदान में आने वाली नई तकनीकों से अवगत करवाया।
वहीं आर.आर. आर्मी हॉस्पिटल से बिग्रेडियर एस.के. मिश्रा व कर्नल प्रदीप कुमार अपने पूरी शोध समूह के साथ आये। बिग्रेडियर मिश्रा ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की और कर्नल प्रदीप कुमार ने शोध कार्यक्रम और उसकी उपलब्धियों के बारे विस्तृत जानकारी दी। यह शोध शायद विश्व का सबसे बड़ा और अनूठा रहा है। एक नई दवाई जिसे ब्रोलुसिज़यूमेन के नाम से जाना जाता है, उपचार में अन्य दवाईयों के बराबर खरी उतर रही हैं और इसे प्रयोग करने से पैसों की लागत भी कम आती है क्योंकि अभी यह बाहर से आयोजित है, इससे फॉइजन एक्सचेज की बचत भी होगी। डा. मनोज राय मेहता फरीदाबाद, डा. अवनीन्द्र गुप्ता फरीदाबाद, ठा. अमित गुप्ता अलीगढ़, डा. प्रशांत बाबन्कुले नागपुर ने भी अपने-अपने अनुभवों को सांझा किया। इस गोष्ठी में गहन संवाद में भाग लेने वाले अन्य विशेषों में डा. अमित अरोड़ा, डा. अजय पाठक, डा. नीरज सदुंजा, डा. ओपी आनंद, डा. निखिल सेठ शामिल रहे। संगठन सहयोग में डा. लक्की खरबन्दा, विकास ठुकराल, राजीव गुम्बर एवं सभी सदस्यगण मौजूद रहे। सिविल सर्जन डा. विनय गुप्ता इस गोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में आए और डा. तितियाल को एसोसिशन की ओर से सम्मानित किया। फरीदाबद ऑफ्थेटिपक सोसायटी (एफओएस) के तत्वाधान में प्रधान डा. मनोज राय मेहता के नेतृत्व में यह एक बड़ी उपलब्धि रही और फरीदाबाद नेत्र शोध में शहरों की अग्रश्रेणी में आ गया। भविष्य में और भी गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा, ऐसा प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह फरीदाबाद के लिए एक गौरवपूर्ण कार्यक्रम था।
