फरीदाबाद। श्री धार्मिक लीला कमेटी 5 नम्बर एम ब्लाक फरीदाबाद में रामलीला के कलाकार निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद व सह निर्देशक गुलशन नागपाल के निर्देशन में लगातार अभ्यास करके बहा रहे हैं पसीना। आज की रिर्हसल में लक्ष्मन व सीता, राम- लक्ष्मन, रावण-सीता, बाली- सुग्रीव, केकई- मंथरा के संवादों का अभ्यास करवाया गया।
आज लक्ष्मन और सीता के संवादों का जोरदार अभ्यास करवाया गया। रामलीला के बहुत अहम व मार्मिक दृश्य जब प्रभूराम हिरण पकडऩे जाते हैं और लक्ष्मन को सीता की रक्षा के लिए छोड़ जाते हैं तभी राम का आवाज़ में एक आवाज़ आती है कि भईया लक्ष्मन जल्दी आओ मेरी जान बचाओ जिसको सुनकर सीता और लक्ष्मन के बीच संवाद होते है उन संवादों पर दोनो किरदारों ने कड़ा अभ्यास किया। सीता का किरदार निभा रही रिद्धी खरबंदा ने दुखभरी व डरी हुई आवाज़ का अभ्यास किया तो लक्ष्मन का अभिनय कर रहे राजीव खरबंदा ने अपने जोरदार संवादों का अभ्यास करके पसीना बहाया। उनका यह संवाद अच्छा माता मैं जाता हूँ, तुम सावधान यहाँ पर रहना, मैं रहा आज्ञा के भीतर, तुम रेखा के भीतर रहना। इस डायलॉग का कई बार अभ्यास किया ।
सीता हरण के बाद राम के विलाप का अभ्यास करवाया गया। राम का किरदार निभा रहे जितेश गेरा ने अपने दर्द भरे संवादों का अभ्यास किया। निर्देशक हरीश आज़ाद ने बताया कि पूरी रामलीला के श्रीराम का यह सबसे मार्मिक दृश्य होता है जिससे दर्शक भी अपने आँसू नहीं रोक पाते। इसके बाद बाली और सुग्रीव के गरजीले संवादों का अभ्यास हुआ। बाली का किरदार नरेश चावला व सुग्रीव का अभिनय अमित नागपाल निभा रहे हैं। आज केकई और मंथरा के संवादों का भी अभ्यास करवाया गया जिसमें केकई का रोल सौम्या खरबंदा व मंथरा को किरदार पहली बार निभा रही तान्या चुग कर रही हैं।
