भारतीय प्रवासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुँचे बद्रीधाम

 

फरीदाबाद की सामाजिक संस्थाओं द्वारा श्री बद्री विशाल धाम के श्री कृष्ण प्रणामी मंगल भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का ज्ञान प्राप्त करने सपरिवार पहुँचे डॉ अजय तिवारी ने बताया कि बद्रीधाम में भागवत कथा दिनांक 26 अगस्त से 4 सिंतबर तक चलेगी भगवान बद्रीनाथ की तपो भूमि पर उपस्थित श्रोताओं को प्रवचन सुनाने एवं भागवत कथा का ज्ञान व रसपान कराने का कार्य परम पूज्यनीय अयोध्या वासी स्वामी श्री राघवाचार्य जी महाराज द्वारा किया जा रहा है और महाराज जी ने अपने व्यक्तव्य में बतायाअयोध्या की श्रीमद् भागवत सनातन धर्म की अमूल धरोहर है। श्रीमद् भागवत कृष्ण का साक्षात स्वरूप है और कथा में वेदव्यास जी शब्दों थे उन्होंने श्रीमद् भागवत के रूप में शब्द मई मूर्ति का निर्माण किया परंतु इस मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने की इसलिए श्रीमद् भागवत से बड़ी मूर्ति विश्व में दूजी नहीं।
उन्होंने देवभूमि एवं तपोभूमि श्री बद्री विशाल धाम की महिमा का व्याख्यान करते हुए बताया कि बद्री का मतलब बेर होता है तथा तथा अरण्य का मतलब वन होता है अर्थात बेर का वन। यह भूमि विष्णु भगवान की तपोभूमि है जब वे यहां पर तप करने आए तब भगवती लक्ष्मी को उन पर करुणा हुई उन्हें लगा की भगवान विष्णु को धूप लगेगी तथा वर्षा में परेशान होंगे इस समस्या से निजात पाने के लिए वे खुद बेल वृक्ष के रूप में उनके ऊपर छाया करके खड़ी हो गई इसलिए इस भूमि का नाम बद्रीनारायण धाम पड़ा उन्होंने बताया कि यहां के नामकरण में विशाल शब्द भी आता है सूर्यवंश के एक तपस्वी राजा हुए विशाल उन्होंने भी भगवान विष्णु की घोर तपस्या की उससे प्रसन्न होकर भगवान ने कहा की यहां के नाम में आपका नाम भी जोड़ा जाएगा और इसे बद्री विशाल धाम के नाम से जाना जाएगा।
श्री राघवाचार्य महाराज जी ने कहा की यह भूमि कोई साधारण भूमि नहीं है यहां पर ही सुखदेव महाराज ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाई थी और राजा को जन्म मरण के भय से मुक्त कर दिया था। वेदव्यास जी ने श्रीमद् भागवत पुराण की रचना इसी भूमि पर की। उन्होंने 17 पुराणों एवं उपनिषदों की रचना के उपरांत श्रीमद् भागवत महापुराण लिखा और इसके बाद कोई ग्रंथ नहीं लिखा इसलिए श्रीमद् भागवत समस्त वेदों एवं उपनिषदों का सार है।
श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व श्री बद्रीनाथ मंदिर से भव्य कलश यात्रा कथा स्थल श्री कृष्ण प्रणामी मंगल भवन तक बैंड बाजे के साथ हर्षो उल्लास से निकली गई। उसके उपरांत श्रीमद्भागवत पूजन व्यास गद्दी पूजन तथा स्वामी जी का पूजन आयोजक मंडल के अमर बंसल छाड़िया उनकी धर्मपत्नी नूपुर ,दिनेश गोयनका और कविता गोयनका, सुरेश अग्रवाल , सुमन अग्रवाल, अनिल गर्ग , प्रेमलता गर्ग , सतीश गर्ग लोहिया ,शैली गर्ग तथा प्रधान रांति देव गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर जजमान बने डॉ अजय तिवारी,सपना तिवारी,दीपा तिवारी ने आयोजक अमर बंसल छाड़िया, एवं दिनेश अग्रवाल के कार्यों की सराहना की और सभी जजमान और भक्तगण अशोक अग्रवाल चौधरी संतोष अग्रवाल कैलाश शर्मा, राकेश बंसल , वीरेंद्र बंसल, नरेश बंसल, निकुंज गुप्ता, मनोज गोयल गुडियानिया, अशोक शर्मा विजय गुप्ता सुनीता गुप्ता वंदना दुआ सुनीता रानी जनता गर्ग, खूब राम गुप्ता शुभम कनोडिया, धनंजय बंसल, सुभाष गोयल बलवीर शर्मा पीएल चौधरी ज्ञान प्रकाश गोदारा की उपस्थिति रही।