नाटक में जातिवाद व उत्पीड़न का मुद्दा

फरीदाबाद-सांझा सपना संस्था की तरफ से गुरुवार शाम को सेक्टर 37 स्थित शिवाय् अकेडमी में नाटक ‘दास्तान-ए-कालू भंगी’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से जातिवाद, भेदभाव व उत्पीड़न का मुद्दा उठाया गया, जिसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
नाटक का निर्देशन ईश्वर शून्य ने किया। नाटक में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी को दिखाया गया, जिसे समाज से उपेक्षित किया गया है। हर व्यक्ति की अपनी पहचान होती है, लेकिन तेजी समाज में जातिगत, भेदभाव व उत्पीड़न आज भी बड़ा मुद्दा बना हुआ है। नाटक की कहानी बताती है कि लोगों का मैला साफ करने वाले, गटर साफ करते हुए अपनी जान देने वाले लोग किस प्रकार की कठिनाइयों का सामना करते हैं। किस प्रकार समाज उन्हें अछूत मानता है, उन्हें घृणा की दृष्टि से देखता है और उनका शोषण करता है। कालू भंगी ने भी अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा करने में निकाल दिया, लेकिन मुसीबत के समय कोई उसके साथ खड़ा नहीं होता, बल्कि गलती होने पर उस पीटा भी जाता है। नाटक के माध्यम से वह सवाल करता है कि इस समाज में मेरी जगह क्यों नहीं है। क्यों मेरा जीवन ऐसा है। नाटक मे कालू भंगी का किरदार अभिषेक मौर्य व लेखक का किरदार वैभव ने निभाया।