डॉक्टरों के ट्रांसफर के विरोध में ईएसआईसी के छात्रों ने किया प्रदर्शन
सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में डॉक्टर व एकेडमिक स्टाफ के ट्रांसफर को लेकर विद्यार्थियों ने काली पट्टी बांध प्रदर्शन किया। ईएसआईसी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि फैकल्टी के ट्रांसफर होने से उनकी पढ़ाई बाधित होगी। मरीजों की परेशानी बढ़ जाएगी। इसलिए आदेश को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।
एनआईटी 3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से साढे छह लाख ईएसआई कार्ड धारक जुड़े है। फरीदाबाद समेत गुरुग्राम, होडल, पलवल, हथीन, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी और देश के अनेक राज्यों से करीब 4500 मरीज रोजाना इलाज के लिए पहुंचते है। कॉलेज में मेडिकल की 100 सीटें हैं। कॉलेज में कुछ विद्यार्थी दृतीय, तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं कई विद्यार्थियों का इस साल अंतिम सत्र चल रहा है। कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 20 वरिष्ठ डॉक्टरों का फैकल्टी स्टाफ है। ये विद्यार्थियों को पढ़ाने के साथ अपने अपने विभागाध्यक्ष है। मरीजों को भी देखते है। गंभीर मरीजों के इलाज के संबंध में शुरुआत से उन्हें पूरी जानकारी दी है। ट्रांसफर होने से नए डॉक्टर आएंगे और शुरुआत से मरीजों का फिर इलाज शुरू करेंगे। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं कई विद्यार्थी एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) कर रहे हैं। ये प्रोफेसर विद्यार्थियों के गाइडर (सलाहकार) भी है। एकेडमिक सत्र एक बार ही सलाहकार बनते है। यदि वे बीच में चले जाएं या ट्रांसफर हो जाए तो बीच सत्र में उनकी जगह दूसरा कोई नहीं बन सकता है। इससे विद्यार्थी की रिचर्स पर असर पड़ेगा। गाइड न होने से उसकी एमडी, एमएस रद्द भी होने का भी खतरा बढ़ गया है। दूसरी तरफ हाल ही में श्रम विभाग की ओर से करीब 15 वरिष्ठ फैकल्टी का ट्रांसफर दूसरे राज्यों में कर दिया गया। इससे लेकर विद्यार्थियों में काफी रोष है। बृहस्पतिवार को विद्यार्थी ने काॅलेज में काली पट्टी बांध कर रैली निकाली। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी वरिष्ठ फैकल्टी के ट्रांसफर को रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आदेश वापिस नहीं लिया तो वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। प्रदर्शन में विक्की, हैप्पी डागर, कुलदीप, गौरव गुर्जर, दीपिका, सोनिया, मोनिका, दीप्ति, दीपाली, प्रियंका सहित सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।
