Pradosh Vrat 2021: कल है प्रदोष व्रत, जानें भोलेनाथ की पूजा का शुभ मुहूर्त

Pradosh Vrat 2021: कल प्रदोष व्रत है. हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत है. मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है. शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव (Lord Shiva) की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस दिन व्रत करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा की जाती है. वहीं भौम प्रदोष व्रत पर शिव जी के साथ हनुमान जी की भी पूजी की जाती है.

प्रदोष व्रत के दिन बन रहा शुभ योग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन सिद्ध योग के साथ साध्य योग बन रहा है. इस दिन त्रिष्पुकर योग का भी शुभ संयोग बन रहा है. 21 जून को सुबह 10 बजकर 22 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा. इसके बाद साध्य योग बनेगा.

सूर्य व चंद्रमा का समय
प्रदोष व्रत के दिन यानी कल सुबह 04 बजकर 59 मिनट पर सूर्योदय होगा. इसके बाद शाम 06 बजकर 41 मिनट पर सूर्यास्त होगा. चंद्रोदय का समय शाम 04 बजकर 08 मिनट पर और चंद्रास्त 23 जून को सुबह 03 बजकर 16 मिनट पर होगा.

प्रदोष काल का समय
प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा की जाती है. यह पूजा प्रदोष काल में करनी चाहिए. सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक का समय प्रदोष काल कहा जाता है. कहा जाता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 03:36 बजे से सुबह 04:18 बजे तक.
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:23 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक.
विजय मुहूर्त- दोपहर 02:07 बजे से दोपहर 03:02 बजे तक.
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06:28 बजे से शाम 06:52 बजे तक.
अमृत काल- सुबह 06:27 बजे से सुबह 07:54 बजे तक.
त्रिपुष्कर योग- सुबह 04:59 बजे से सुबह 10:22 तक.