केंद्रीय ऊर्जा एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर जी के दफ्तर पर मिठाई खिलाकर व गुलदस्ता देकर धन्यवाद किया
फरीदाबाद ( ) 19 जून । किसान संघर्ष समिति नहरपार फरीदाबाद के प्रधान जगबीर सिंह व महासचिव सत्यपाल नरवत के नेतृत्व में किसानों ने विधायक तिगांव हल्का श्री राजेश नागर जी व केंद्रीय ऊर्जा एवं भारी उद्योग राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर जी के दफ्तर पर मिठाई खिलाकर व गुलदस्ता देकर धन्यवाद किया । किसानों में खुशी की लहर थी। किसानों के खातों में करीब 1700 करोड रुपए हुड्डा विभाग द्वारा मुआवजे के डाले दिए गए हैं। नहरपार के 19 गांवों की जमीन मास्टर रोड व डिवाइडिंग रोड के लिए अधिग्रहण की गई थी। जिसका अवार्ड 27 अगस्त 2010 को 16 लाख रूपये प्रति एकड़ सुनाया था। तब किसानों ने आंदोलन और संघर्ष किया तो उस समय की कांग्रेस सरकार ने मुआवजा 16 लाख से बढ़ाकर 42 लाख रूपये किया। फर्स्ट अवॉर्ड का पैसा किसानों ने ले लिया था और उसके बाद सेशन कोर्ट से, हाई कोर्ट से किसानों का मुआवजा बढ़ाया गया। जिसके लिए किसान लगातार संघर्ष करते रहे और कोर्ट में केस लड़ते रहे और सुप्रीम कोर्ट से 14 जुलाई 2021 को मुआवजा सभी 19 गांवों का अलग-अलग रेट से फाइनल हो गया। लगातार कई साल संघर्ष करने के बाद सरकार की तरफ से तारीख दी गई। कि 15 अगस्त 2022 तक सभी का मुआवजा दे दिया जाएगा। और स्थानीय विधायक श्री राजेश नागर जी व केंद्रीय मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर जी के सहयोग से 2 महीने पहले ही 15 जून को किसानों के खाते में पैसे आने शुरू हो गए। जिसके लिए किसान संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी का आभार वक्त किया। किसानों की 1100 के लगभग फाइलें हैं जिनमें से 800 के लगभग किसानों ने मुआवजे के लिए फाइल जमा कराई है और सभी का मुआवजा आ गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण फरीदाबाद के प्रशासक श्री जितेंद्र दहिया जी ने किसानों को आश्वस्त किया कि जो किसान रह गए हैं वह 30 जून तक फाईल कार्यालय में जमा करा दें सभी का पैसा दे दिया जाएगा। धन्यवाद कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति नहरपार फरीदाबाद के महासचिव सत्यपाल नरवत ने किसानों की तरफ से विधायक जी व केंद्रीय मंत्री जी के समक्ष मांग रखी। कि किसानों को जमीन खरीदने के लिए स्टांप ड्यूटी चार्ज माफ किए जाएं। पहले स्टांप ड्यूटी माफ थी अब लागू कर दी गई हैं स्टांप ड्यूटी पर 5% न लगने से किसानों को काफी फायदा था जो जमीन सरकार द्वारा अधिग्रहण की गई है उस मुआवजे से किसान कृषि भूमि हरियाणा में कहीं भी खरीदता है तो स्टांप ड्यूटी नहीं लगती थी। दूसरा नहरपार के कुछ किसानों के रॉयल्टी के पैसे भी 3 साल से नहीं मिले हैं वह भी दिलवाए जाएं धन्यवाद करने वालों में लच्छीराम शर्मा, धर्मपाल, जितेंद्र त्यागी, लीलू चंदीला, सुभाष, प्रकाश नरवत, किरणपाल, चंद्र नरवत, उमेद, हरिचंद, चतर सिंह, बाबू भुडेना, महेंद्र नरवत, वेदपाल, धीरज, परमानंद, भूपसिंह, रोहताश यादव आदि मुख्य रूप से शामिल थे।
