नाटक से दिखाएंगे बच्चे आज़ादी का सच

 

 

नाट्य कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे बच्चे आज़ादी का महत्व दिखाने के लिए ज़ोरों-शोरों से तैयारियाँ कर रहे हैं। कार्यशाला में सीखे जा रहे अपने इस हुनर को बच्चे एक नाटक के माध्यम से शहरवासियों को दिखाएंगे। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा के सहयोग से हो रही 20 दिवसीय नाट्य कार्यशाला में आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आगामी 4 और 5 जून को यह नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। फोर्थ वाॅल प्रोडक्शंस और बैठानिया सेंटर की तरफ़ से आयोजित हो रही इस कार्यशाला के अंतर्गत हो रहे नाटक में बच्चे दिखाएंगे कि आज़ादी के साथ हमें ज़िम्मेदारियाँ भी मिलती हैं।

 

आज़ादी के अहसास से बड़ा कुछ भी नहीं है। इस दुनिया में ऐसा कोई भी नहीं है जिसे किसी भी कारण से गुलाम रहना पसंद हो।आज़ाद हवा में सांस लेना क्या होता है ? यही बताने के लिए कार्यशाला के प्रतिभागी इन दिनों रंगमंच की बारीकियों को सीखते हुए नाटक की तैयारियों में जुटे हैं। इस नाटक में बताया जा रहा है कि आज़ादी का अर्थ यह कदापि नहीं है कि हम जो चाहे करें। आज़ादी के साथ ही हमें ज़िम्मेदारियों का अहसास भी होना चाहिए और हम अपने प्रति, अपने पड़ोस के प्रति, अपने गली-मोहल्ले के प्रति और अपने देश के प्रति ज़िम्मेदार रह कर ही आज़ादी के असली मूल्यों को पहचान सकते हैं। आज़ादी की ज़िम्मेदारी का यह अहसास सभी देशवासियों को एक समान तौर पर होना चाहिए, वर्ना देश की आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी हम गुलाम ही महसूस करते रहेंगे। इसी संदेश को बच्चे आज़ादी – एक सच नाटक के माध्यम से दिखाने के लिए तैयारियाँ कर रहे हैं।

 

कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे सभी बच्चे इस नाटक में अलग-अलग किरदार निभाते हुए हिस्सा लेंगे। इस नाटक का निर्देशन कार्यशाला के निदेशक और संयोजक डाॅ0 अंकुश शर्मा कर रहे हैं।वहीं सह-निर्देशक की भूमिका दीपक पुष्पदीप निभा रहे हैं। इस नाटक में सायशा, तेजवीर, अचल शर्मा, मान्या, एकता तिवारी, प्रेम शर्मा, पिंकी, प्रतिज्ञा, दीपिका, जानविका, यश शर्मा, दक्ष, निहाल, अक्षरा आदि बच्चे अलग-अलग भूमिकाएँ निभाएंगे। इस नाटक को बाल भवन के सभागार में प्रस्तुत किया जाएगा।