राक्षसों का गीत अजब यह वन सुहाना है का कड़ा अभ्यास करवाया-हरीश चन्द्र आज़ाद

राक्षसों का गीत अजब यह वन सुहाना है का कड़ा अभ्यास करवाया-हरीश चन्द्र आज़ाद

सबसे पहले अभ्यास आरम्भ करने की वजह से ही हमारी रामलीला की कला दर्शको को शहर में सबसे बेहतर लगती है

सर्वप्रिय भारत/फरीदाबाद।

श्री धार्मिक लीला कमेटी के निर्देशक हरीश चन्द्र आज़ाद ने बताया कि आज रात राक्षसों के गीत अजब यह वन सुहाना है का कड़ा अभ्यास करवाया। जिसमें राक्षस गुरू विश्वामित्र का यझ भंग करने के लिये उधम मचाते हैं। उन्होंने बताया कि यह गाना डरावना व दर्शको को आन्नद का अभासा करवाने वाला होता है जिसके लिये कलाकार बहुत पसीना बहाते हैं। भयानक राक्षसों के किरदार में लक्ष्य बत्तरा, मनीष रोहिला, हार्दिक बत्तरा, विदांश खरबंदा, हार्दिक व सुजल सभी कलाकारों ने अपनी कला को निखारने के लिये कई बार इस गीत का अभ्यास किया।

निर्देशक आज़ाद ने बताया कि रामलीला के लिये प्रत्येक वर्ष कलाकारों को घंटो अभ्यास करना पड़ता है क्योंकि रामलीला के मंच पर कोई रीटेक नहीं होता इसलिये मंच पर कोई भी गलती व कमी न हो जिसके लिये कलाकारों को रात-रातभर पसीना बहाना पड़ता हैं। उन्होंने बताया कि अच्छे से अच्छे और पुराने से पुराने कलाकार को भी अभ्यास करना जरूरी होता है इसलिये शहर में हमारी रामलीला के कलाकार अभ्यास का महत्व समझते हुए शहर में सभी रामलीलाओं से कहीं ज्यादा पहले अभ्यास आरम्भ कर देते है जिसकी वजह है कलाकारी में हमारी रामलीला शहर में दर्शको को सबसे बेहतर लगती है।