नई दिल्ली /सर्वप्रिय भारत / उषा शर्मा।
द्वारका–पालम रोड स्थित जिंदल पब्लिक स्कूल, दशरथ में रविवार को वार्षिक समारोह हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस वर्ष समारोह का विषय “माँ – दिव्य शक्ति” रहा, जिसमें मातृत्व की ममता, त्याग, नारी सशक्तिकरण और संस्कारों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली रूप में दर्शाया गया। समारोह में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं सांसद कमलजीत सहरावत, सांसद रवि किशन, विधायक प्रद्युमन राजपूत और जिंदल समूह की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए *केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल* ने कहा कि माँ ही प्रथम गुरु होती है और वही संस्कारों की नींव रखती है। जिंदल पब्लिक स्कूल बच्चों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति से जोड़ने का सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों की मंचीय प्रस्तुति की जमकर प्रशंसा की।
द्वारका से सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि आज की प्रस्तुति ने यह स्पष्ट कर दिया कि नारी शक्ति ही समाज की असली ताकत है। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
सांसद रवि किशन* ने वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि आज के समय में ऐसे सांस्कृतिक मंच बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। ‘माँ – दिव्य शक्ति’ विषय पर विद्यार्थियों की प्रस्तुति बेहद भावपूर्ण और प्रेरणादायक रही। जिंदल पब्लिक स्कूल बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।
विधायक प्रद्युमन राजपूत* ने कहा कि जिंदल पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ संस्कार देने वाला संस्थान है। यहाँ के छात्र न केवल पढ़ाई में बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
*जिंदल समूह की चेयरमैन सावित्री जिंदल* ने अपने संबोधन में कहा कि माँ समाज की आधारशिला होती है। बच्चों में मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का विकास बेहद जरूरी है और जिंदल पब्लिक स्कूल इस दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। विद्यालय के अध्यक्ष प्रतीक जिंदल के नेतृत्व में जिंदल पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद नवदेवी पर आधारित प्रस्तुति में नारी शक्ति और मातृत्व की दिव्यता को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। दो कथावाचकों के माध्यम से माँ और संतान के भावनात्मक संबंध पर आधारित नाट्य मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत विद्यार्थियों ने “उड़ी ख़्वाबों से जुड़ी” और “कुड़ी कंढ लगदी” जैसे ऊर्जावान नृत्य प्रस्तुत किए, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का समापन एक भव्य ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ। धन्यवाद ज्ञापन के साथ यह वार्षिक समारोह प्रेरणादायक संदेशों और अविस्मरणीय क्षणों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
